Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा का प्रतिष्ठित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगने के बाद, लोक आयुक्त उत्तर प्रदेश ने कड़ा रुख अपनाया है। लोकायुक्त ने जीबीयू के कुलपति (Vice-Chancellor) को नोटिस जारी कर तलब किया है।
क्या हैं कुलपति पर लगे आरोप?
नीतू सिंह नामक महिला ने सबूतों के साथ लोकायुक्त से शिकायत की थी कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
भर्ती में धांधली: प्रोफेसर और अन्य शिक्षकों की नियुक्तियों में भारी अनियमितता का आरोप है।
1.विषय विशेषज्ञता का उल्लंघन: आरोप है कि भूगोल (Geography) के एक शिक्षक को समाजशास्त्र (Sociology) विभाग में नियुक्त कर दिया गया।
2.बिना अनुभव के नियुक्ति: एक ऐसी महिला को प्रोफेसर के पद पर नियुक्त कर ‘डीन’ बना दिया गया, जिनके पास पढ़ाने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था।
3.रिटायर्ड अधिकारियों को तवज्जो: सेवानिवृत्त व्यक्तियों को नियमों के खिलाफ जाकर महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां दी गईं।
4.फीस घोटाला: छात्रों से ली जाने वाली फीस में भी वित्तीय गबन के आरोप लगाए गए हैं।
5.छात्र बना परीक्षा नियंत्रक: एक चौंकाने वाला आरोप यह भी है कि विश्वविद्यालय के एक छात्र को ही वहां का परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination) बना दिया गया।
लोकायुक्त का सख्त रुख
इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त ने कुलपति को 20 जनवरी तक लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर या विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि अगर कुलपति संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की सफाई
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के मीडिया सेल प्रभारी विनीत कुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय के पास अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक नोटिस नहीं आया है। उन्होंने फिलहाल इस मामले में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है।
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