ग्रेटर नोएडा: बिलासपुर में प्राधिकरण का बुलडोजर: 37.5 करोड़ की 18770 वर्ग मीटर सरकारी जमीन कराई गई मुक्त

GNIDA ने बिलासपुर में 18770 वर्ग मीटर अधिसूचित भूमि पर चल रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। CEO एनजी रवि कुमार के निर्देश पर हुई कार्रवाई।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा: बिलासपुर में प्राधिकरण का बुलडोजर: 37.5 करोड़ की 18770 वर्ग मीटर सरकारी जमीन कराई गई मुक्त

ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सोमवार को भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण के दस्ते ने ग्राम बिलासपुर के अधिसूचित क्षेत्र में लगभग 18770 वर्ग मीटर जमीन पर किए जा रहे अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। मुक्त कराई गई इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 37.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ग्रेटर नोएडा: बिलासपुर में प्राधिकरण का बुलडोजर: 37.5 करोड़ की 18770 वर्ग मीटर सरकारी जमीन कराई गई मुक्त

 

अवैध प्लॉटिंग की कोशिश नाकाम

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर भूलेख और परियोजना विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को पूरा किया। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के खसरा नंबर 100, 104 और 105 की अधिसूचित भूमि पर कुछ कॉलोनाइजर अवैध रूप से घर और बाउंड्री बनाकर प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी शिकायत मिलने पर महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।

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प्रशासन की चेतावनी: बिना नक्शा पास निर्माण पर होगी जेल

एसीईओ सुमित यादव ने इस कार्रवाई के बाद सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अधिसूचित एरिया में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी अवैध कॉलोनी में न फंसाएं।

ग्रेटर नोएडा: बिलासपुर में प्राधिकरण का बुलडोजर: 37.5 करोड़ की 18770 वर्ग मीटर सरकारी जमीन कराई गई मुक्त

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई प्राधिकरण के भूलेख विभाग के ओएसडी रामनयन सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह की देखरेख में की गई। इस दौरान भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी और पुलिस बल मौजूद रहा ताकि किसी भी प्रकार के विरोध को रोका जा सके। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि उक्त जमीन पर दोबारा निर्माण की कोशिश की गई, तो संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

 

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