Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के गामा-1 सेक्टर स्थित फेलिक्स अस्पताल परिसर में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल में वाटर टैंक निर्माण कार्य के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार अचानक ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे सात कामगार मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे घटी। अस्पताल के प्रवेश द्वार के बगल में वाटर टैंक के लिए निर्माण कार्य चल रहा था। कामगार मिट्टी समतल करने और खुदाई के काम में जुटे थे। इसी दौरान करीब सात फीट ऊंची दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे सात मजदूर मलबे में दब गए।
पुलिस और स्टाफ ने 5 मिनट में सभी को निकाला
हादसे के बाद साथी कामगारों ने शोर मचाकर दूसरों को सूचित किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी। सूचना मिलते ही बीटा-2 कोतवाली पुलिस और फायर टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल स्टाफ की मदद से तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया और महज पांच मिनट के भीतर मलबा हटाकर सभी सातों कामगारों को बाहर निकाल लिया।
घायलों का इलाज जारी, दो को सिर में चोटें
सभी सातों घायल मजदूरों को तुरंत फेलिक्स अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया। मेडिकल टीम द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद बताया गया कि पांच कामगारों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि दो अन्य को सिर में हल्की चोटें हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है।
घायल मजदूरों की पहचान बिहार निवासी संजय मिश्रा (28), लक्ष्मण (30), समरेश (25), लखीराम (40), अखिलेश (35), सेवालाल (32) और झारखंड निवासी सुनील (28) के रूप में हुई है।
जेसीबी की खुदाई से नींव कमजोर होने का शक
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वाटर टैंक निर्माण के लिए पिछले दो दिनों से जेसीबी मशीन के जरिए खुदाई की जा रही थी। दीवार के ठीक किनारे से मिट्टी हटाए जाने के कारण आशंका है कि दीवार की नींव कमजोर हो गई और वह खुदाई का दबाव सहन नहीं कर पाई।
बीटा-2 कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और सुपरवाइजर से पूछताछ कर रही है।

