ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़: पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। ताजा मामले में, सेक्टर-16बी स्थित अजनारा होम्स (एपीवाई रियल्टी) पर एसटीपी (STP) न चलाने, सीवरेज को बिना शोधित किए डिस्चार्ज करने और अवैध भूजल दोहन के कारण 54.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने बिल्डर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र भी लिखा है।

क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?
प्राधिकरण की टीम ने सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर बिल्डर सोसायटियों की जांच शुरू की थी। अजनारा होम्स में जांच के दौरान निम्नलिखित गंभीर खामियां पाई गईं:
🔸बंद मिला एसटीपी: निरीक्षण के दौरान सोसाइटी का एसटीपी पूरी तरह बंद पाया गया। निवासियों ने बताया कि यह पिछले दो वर्षों से बंद है।
🔸 सीवरेज का गलत निस्तारण: लगभग 2300 फ्लैट्स वाली इस सोसाइटी से रोजाना औसतन 1.15 एमएलडी सीवरेज निकलता है। शोधित न होने के कारण इसे सीधे नाली में गिराया जा रहा था, जिससे लाइन चोक होकर सीवरेज बेसमेंट में भरने लगा था।
🔸अवैध भूजल दोहन: उद्यान और सिंचाई कार्यों के लिए नियमों के खिलाफ जाकर भूजल का दोहन किया जा रहा था।
🔸कचरा प्रबंधन में विफलता: सोसाइटी से निकलने वाले ठोस कचरे का उचित प्रबंधन न करने पर भी अलग से जुर्माना लगाया गया है।
जुर्माने का विवरण
प्राधिकरण ने बिल्डर पर दो अलग-अलग मदों में जुर्माना लगाया है:
₹50 लाख: एसटीपी न चलाने, सीवरेज को अनुपचारित छोड़ने और अवैध भूजल दोहन के लिए।
₹4.32 लाख: सोसाइटी के कचरे का उचित प्रबंधन न करने के लिए।
कुल जुर्माना: ₹54.32 लाख, जिसे 7 कार्यदिवस के भीतर प्राधिकरण के खाते में जमा कराना होगा।
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सख्त चेतावनी और FIR के निर्देश
सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद, प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि दोबारा गलती होने पर लीज शर्तों के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने सभी बिल्डर सोसायटियों से अपील की है कि वे एसटीपी को सुचारू रूप से चलाएं और शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई कार्यों में करें।

