Greater Noida News, भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों के बाद, बुधवार, 20 अगस्त 2025 को बिसरख के डूब क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अभियान में लगभग 25,000 वर्ग मीटर (करीब 6 एकड़) सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जहाँ कॉलोनाइजर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर एक नई कॉलोनी बसाने की फिराक में थे।

प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) ए.के. सिंह ने बताया कि बिसरख गांव के खसरा संख्या 112 और 113 की जमीन, जो कि यमुना के डूब क्षेत्र के अंतर्गत आती है और प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र का हिस्सा है, पर कुछ कॉलोनाइजर अवैध कब्जा कर प्लॉट काट रहे थे। सूचना मिलने पर प्राधिकरण ने एक टीम गठित की और पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
बुधवार को जीएम ए.के. सिंह के नेतृत्व में, जिसमें ओएसडी रामनयन सिंह, वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश निम और नागेंद्र सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता सहित भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी रही, ने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में तीन जेसीबी और दो डंपरों का इस्तेमाल किया गया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर की गई अवैध प्लॉटिंग की चारदीवारी और अन्य ढांचों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।
अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी, खरीदारों से सतर्क रहने की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने अतिक्रमणकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि प्राधिकरण के अधिसूकृत क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने कहा, “कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर उस जमीन की स्थिति और वैधता के बारे में पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।”
प्राधिकरण का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

