ग्रेटर नोएडा बोड़ाकी टर्मिनल: 1 साल में पूरा होगा सर्वे-शिफ्टिंग का काम, बिहार के लिए चलेंगी 70 ट्रेनें, 35 लाख लोगों को मिलेगी राहत

Greater Noida Bodaki Terminal: Survey and shifting work to be completed in 1 year, 70 trains to run for Bihar, 3.5 million people to get relief

Partap Singh Nagar
4 Min Read
ग्रेटर नोएडा बोड़ाकी टर्मिनल: 1 साल में पूरा होगा सर्वे-शिफ्टिंग का काम, बिहार के लिए चलेंगी 70 ट्रेनें, 35 लाख लोगों को मिलेगी राहत

 

Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित बोड़ाकी टर्मिनल के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण सर्वे और शिफ्टिंग के काम को पूरा करने के लिए एक साल की समय सीमा तय की है। प्राधिकरण ने इसके लिए जमीनी प्लान तैयार कर लिया है और सर्वे का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

यह टर्मिनल ग्रेटर नोएडा और आसपास के करीब 35 लाख लोगों के लिए एक बड़ी सौगात होगा, जिन्हें फिलहाल ट्रेन पकड़ने के लिए गाजियाबाद या दिल्ली जाना पड़ता है।

क्या है बोड़ाकी टर्मिनल का प्लान?

बोड़ाकी टर्मिनल को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह एक ऐसा जंक्शन होगा जहाँ यात्रियों को एक ही छत के नीचे ट्रेन, मेट्रो और बस की सेवाएँ मिलेंगी। इस टर्मिनल के शुरू होने से पूर्वी राज्यों की कनेक्टिविटी बेहद आसान हो जाएगी।

🔸 70 ट्रेनें: योजना के मुताबिक, बोड़ाकी टर्मिनल से पूर्वी राज्यों के लिए 70 ट्रेनें चलाई जाएंगी।

🔸बिहार पर फोकस: इनमें से अधिकांश ट्रेनें बिहार जाने वाली होंगी, जिससे इस रूट पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को सुविधा होगी।

🔸 बदलेगी तस्वीर: वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉप नहीं है। टर्मिनल शुरू होने से 35 लाख लोगों को सीधे अपने शहर से ट्रेन पकड़ने का लाभ मिलेगा।

काम में तेजी, 1 साल का लक्ष्य

परियोजना को गति देने के लिए मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और रेलवे के अधिकारियों के बीच एक ऑनलाइन मीटिंग हुई। इस मीटिंग में सर्वे में आई आपत्तियों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई और अगले 1 साल में सर्वे व शिफ्टिंग से जुड़े सभी काम निपटाने का लक्ष्य तय किया गया।

🔸लागत और समय: इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1685 करोड़ रुपये है और इसे बनाने के लिए 3 साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

🔸सर्वे 90% पूरा: बोड़ाकी, पल्ला, पाली समेत कुछ अन्य गांवों की जमीन इसके लिए अधिग्रहित की जानी है। प्रशासन की टीम लगातार गांवों में किसानों से संवाद कर रही है और सर्वे का काम 90 फीसद पूरा कर लिया गया है।

🔸 शिफ्टिंग पर फोकस: हालांकि, शिफ्टिंग के काम में अभी समय लगेगा, जिसके लिए किसानों की सहमति ली जा रही है।

सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट भी होगा

किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, डीएम मेधा रूपम ने हाल ही में आश्वासन दिया था कि जल्द ही एक सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे से यह आकलन किया जाएगा कि इस परियोजना से ग्रामीणों के जीवन पर क्या असर पड़ेगा और उसी के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि प्राधिकरण का पूरा फोकस सर्वे और शिफ्टिंग के काम को एक साल में पूरा करने पर है। शिफ्टिंग के लिए जमीन देखने का काम चल रहा है और प्रशासन द्वारा सर्वे का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

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