Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा में फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के सहारे करोड़ों रुपये की एक औद्योगिक संपत्ति हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नोएडा के एक कारोबारी ने एक प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों पर साजिश रचकर, धमकी देने और फर्जीवाड़ा कर कंपनी पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद कासना कोतवाली पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नोएडा निवासी कारोबारी अरुण आनंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी ‘पीकेडी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक कंपनी है, जो पैकेजिंग बॉक्स निर्माण का काम करती है। अरुण आनंद ने अपनी इस कंपनी को बेचने की इच्छा जाहिर की थी।
आरोप है कि इसके बाद प्रॉपर्टी डीलर योगेश शर्मा, अपने सहयोगी अंकुर और पवन भाटी के साथ मिलकर, एक ग्राहक पंकज अग्रवाल को उनके पास लेकर आया। जनवरी 2023 में, पंकज अग्रवाल ने 20 लाख रुपये बयाना (earnest money) देकर 3.24 करोड़ रुपये में कंपनी खरीदने का ‘एग्रीमेंट टू सेल’ (Agreement to Sell) कराया।
पीड़ित का आरोप है कि तय समय सीमा के भीतर पंकज अग्रवाल ने शेष धनराशि का भुगतान नहीं किया। इसके बजाय, आरोपी उनके कार्यालय में आने-जाने लगे और उनकी अनुपस्थिति में कंपनी के जरूरी कागजात चुराने लगे। जब अरुण आनंद ने इस पर आपत्ति जताई और भुगतान न होने पर एग्रीमेंट रद्द करने की बात कही, तो योगेश शर्मा और उसके साथियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि वे कंपनी को जबरन छीन लेंगे और अगर उन्होंने विरोध किया तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मार देंगे।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अरुण आनंद को पता चला कि उनकी कंपनी के एक पूर्व निदेशक, अरुण राय, भी कथित रूप से इस साजिश में शामिल हैं। आरोप है कि अरुण राय ने खुद को फर्म का प्रोपराइटर बताते हुए फर्जी मुहर और लेटर पैड तैयार करवाए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर, उन्होंने कंपनी की संपत्ति को सोनिया गुप्ता और सरिता सिंघल नाम की दो महिलाओं के नाम अवैध रूप से ट्रांसफर कराने का भी प्रयास किया।
इस पूरी घटना के बाद पीड़ित ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कासना कोतवाली के प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल ने पुष्टि की है कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के सभी आरोपियों और उल्लिखित तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है।

