ग्रेटर नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो कभी-कभी अपराधियों के लिए काल बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में हुआ। यहाँ एक गर्ल्स हॉस्टल के बाहर दबंगई दिखाते हुए कुछ युवकों का वीडियो हाल ही में इंटरनेट पर तेजी से फैला। पुलिस ने जब इस वीडियो की कुंडली खंगाली, तो पता चला कि वीडियो 6 महीने पुराना है, लेकिन पुलिस ने ‘देर आए दुरुस्त आए’ की तर्ज पर आरोपियों को दबोच लिया।
क्या था वीडियो में?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार सवार कुछ युवक हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा कर रहे हैं। दबंगों ने लाठी-डंडों से एक कार में तोड़फोड़ की और गंदी-गंदी गालियां भी दीं। इस उत्पात के कारण हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं में भारी दहशत फैल गई थी। बताया जा रहा है कि हॉस्टल से जुड़े किसी व्यक्ति से मामूली विवाद के बाद ये आरोपी दोबारा लौटकर हमला करने पहुंचे थे।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में गर्ल्स हॉस्टल के बाहर बदमाशों का तांडव
कार सवार चार बदमाशों ने लाठी-डंडों से गाड़ी में की जमकर तोड़फोड़
गर्ल्स हॉस्टल में मची अफरा-तफरी, छात्राओं में दहशत, बदमाशों ने हॉस्टल के बाहर गंदी-गंदी गालियां दी। @noidapolice @DCPGreaterNoida… pic.twitter.com/PCKEOW3VZI
— BT News |Bharatiya Talk| (@BharatiyaTalk) January 4, 2026
हरियाणा का ‘वोमेश’ चढ़ा पुलिस के हत्थे
नॉलेज पार्क थाना प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। रविवार को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक की पहचान वोमेश पुत्र भूपेन्द्र सिंह (निवासी हरिया मंडी, चरखी दादरी, हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस अब इस गैंग के बाकी सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पुराना हो या नया, कानून का डर जरूरी
पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए सख्त संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों की फाइल कभी बंद नहीं होती। गर्ल्स हॉस्टल जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा की समीक्षा भी की जा रही है। स्थानीय लोगों और छात्राओं ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि इससे अपराधियों में यह डर बैठेगा कि उनकी पुरानी करतूतें भी उन्हें जेल भेज सकती हैं।
सावधानी की अपील
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो को बिना पुष्टि के वायरल न करें, क्योंकि इससे कभी-कभी अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। हालांकि, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की बात भी कही गई है।

