Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में हुए गोलीकांड में घायल दूसरे छात्र ने भी दम तोड़ दिया है। इस घटना में पहले एक एमबीए छात्र की मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में दोस्तों के बीच विवाद के बाद हत्या और आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के एक निजी हॉस्टल में मंगलवार को हुए गोलीकांड में घायल दूसरे छात्र देवांश चौहान (23 वर्ष) ने भी आज उपचार के दौरान कैलाश अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इससे पहले, मंगलवार को आंध्र प्रदेश के चिलकुलरी निवासी दीपक कुमार (22 वर्ष) का शव हॉस्टल के कमरे से बरामद हुआ था। दीपक बिमटेक कॉलेज से एमबीए का छात्र था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके परिजन आज सुबह शव को लेकर आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गए।
क्या है पूरा मामला?
अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) सुधीर कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर को हॉस्टल का एक सिक्योरिटी गार्ड कमरों की लाइट चेक कर रहा था, तभी उसे एक कमरे से किसी के कराहने की आवाज सुनाई दी। उसने तुरंत वार्डन को सूचित किया। जब वार्डन ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, तो वह अंदर से बंद था। इसके बाद पीछे की तरफ से सीढ़ी लगाकर बालकनी के रास्ते कमरे में देखा गया तो दो छात्र खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। वार्डन ने बालकनी का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला।
अंदर दीपक कुमार मृत अवस्था में था, जबकि देवांश चौहान गंभीर रूप से घायल था। देवांश आगरा के भगवान टॉकीज इलाके का रहने वाला था और पीजीडीएम का छात्र था। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल देवांश को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया, जहां आज तड़के उसकी मौत हो गई।
विवाद के बाद हत्या और आत्महत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, दीपक और देवांश बहुत गहरे दोस्त थे। आशंका जताई जा रही है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ, जिसके बाद एक छात्र ने दूसरे को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया।
घटनास्थल से पुलिस को एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, चार जिंदा कारतूस, दो खाली कारतूस, फोन और लैपटॉप समेत अन्य उपकरण मिले हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और कमरे को सील कर दिया गया है।
रिटायर्ड ACP पिता की रिवॉल्वर पर उठे सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि घटना में इस्तेमाल की गई लंदन की बनी रिवॉल्वर देवांश के पिता सुरेंद्र सिंह चौहान के नाम पर लाइसेंसी है। सुरेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में एसीपी के पद से महज 10 दिन पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। यह रिवॉल्वर उनके बेटे के पास कैसे पहुंची, यह एक बड़ा सवाल है। कानून के जानकारों का मानना है कि अपनी लाइसेंसी पिस्टल का दुरुपयोग होने देने के कारण रिटायर्ड एसीपी के खिलाफ भी शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज हो सकता है।
पुलिस ने बताया है कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

