Greater Noida/भारतीय टॉक न्यूज़ : उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई बहादुरी का कारनामा नहीं, बल्कि एक दरोगा की घरेलू कलह और अवैध संबंधों का आरोप है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाली एक महिला ने अपने ही पति, जो यूपी पुलिस में उप-निरीक्षक (दरोगा) हैं, पर एक महिला कांस्टेबल के साथ अवैध संबंध रखने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने न केवल अपनी जान को खतरा बताया है, बल्कि सबूत के तौर पर दोनों की आपत्तिजनक तस्वीरें होने का भी दावा किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
मारपीट, धमकी और घर से निकालने का आरोप
बिसरख कोतवाली में दर्ज कराई अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उनके पति उप-निरीक्षक नीरज सिंह का एक महिला कांस्टेबल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। महिला के अनुसार, उन्हें इस साल जून में पति के अफेयर की जानकारी मिली। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके पति का व्यवहार हिंसक हो गया। आरोप है कि नीरज सिंह अक्सर शराब पीकर उनके साथ मारपीट करते हैं और यूपी पुलिस में होने का रौब दिखाकर धमकाते हैं कि ‘उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’ और ज्यादा बोलने पर जान से खत्म कर देंगे।
सबूत में आपत्तिजनक तस्वीरें, बच्चों के भविष्य की चिंता
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति अक्सर महिला कांस्टेबल के साथ हल्द्वानी, मसूरी और हरिद्वार जैसी जगहों पर घूमने जाते हैं। विरोध करने पर उन्हें बच्चों समेत घर से निकाल दिया जाता है। महिला का दावा है कि उसके पास पति और महिला कांस्टेबल की आपत्तिजनक तस्वीरें भी मौजूद हैं, जिन्हें वह सबूत के तौर पर पेश कर सकती है। पीड़िता ने आशंका जताई है कि दोनों मिलकर उसकी हत्या कर सकते हैं या उसे गायब कर सकते हैं, इसलिए उसने पुलिस से अपने और अपने बच्चों के लिए सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसने स्पष्ट किया है कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती, क्योंकि वह नहीं चाहती कि उसके पति के चरित्र का बुरा असर बच्चों पर पड़े।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष: दोनों पहले से हैं निलंबित
इस सनसनीखेज मामले पर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया सेल प्रभारी सुबोध कुमार ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी उप-निरीरीक्षक नीरज कुमार और संबंधित महिला कांस्टेबल, दोनों ही पूर्व में सेक्टर-24 थाने में तैनाती के दौरान अलग-अलग मामलों में निलंबित किए गए थे। उप-निरीक्षक वर्तमान में भी निलंबित चल रहा है और दोनों ही इस समय अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित (गैर-हाजिर) हैं। पुलिस ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए एक विभागीय जांच बैठा दी है और आश्वासन दिया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

