ग्रेटर नोएडा में सफर होगा सुहाना: कासना से सिरसा तक 4-लेन की होगी सड़क, प्राधिकरण खर्च करेगा 9.5 करोड़ रुपये

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: कासना से सिरसा गोलचक्कर तक की सड़क अब 4-लेन की होगी। 9.5 करोड़ रुपये की लागत से यात्रियों का सफर होगा आसान। मार्च से शुरू होगा काम।

Bharatiya Talk
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ग्रेटर नोएडा में सफर होगा सुहाना: कासना से सिरसा तक 4-लेन की होगी सड़क, प्राधिकरण खर्च करेगा 9.5 करोड़ रुपये

Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कासना से सिरसा गोलचक्कर होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के एंट्री प्वाइंट तक जाने वाले मार्ग को अब चौड़ा किया जाएगा, जिससे हजारों यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि के निर्देशानुसार, परियोजना विभाग ने इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के मुताबिक, कासना से सिरसा तक की 2 किलोमीटर लंबी सड़क, जो वर्तमान में तीन-तीन लेन की है, उसे अब चार-चार लेन (4-Lane) में तब्दील किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर प्राधिकरण लगभग 9.5 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य मार्च महीने से शुरू होने की उम्मीद है।

नोएडा एयरपोर्ट और हजारों वाहनों के दबाव को देखते हुए लिया निर्णय

कासना से सिरसा मार्ग ग्रेटर नोएडा के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक है, जहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द शुरू होने वाली उड़ानों को देखते हुए इस मार्ग की अहमियत और भी बढ़ गई है, क्योंकि यह मार्ग एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के बीच एक मुख्य संपर्क कड़ी (Connectivity) के रूप में कार्य करता है। भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने समय रहते सड़क को विस्तार देने का फैसला किया है। एसीईओ (ACEO) से इस परियोजना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, और अगले दो महीनों के भीतर मौके पर काम शुरू होने की पूरी संभावना है।

सिरसा से पेरिफेरल तक मिलिंग पद्धति से होगी रीसर्फेसिंग

चौड़ीकरण के साथ-साथ प्राधिकरण सिरसा गोलचक्कर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे एंट्री प्वाइंट तक की सड़क को भी नया रूप देने जा रहा है। इस हिस्से में ‘मिलिंग पद्धति’ से रीसर्फेसिंग का कार्य किया जाएगा। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें पुरानी सड़क की परत को हटाकर रीसाइकिल मैटेरियल का उपयोग किया जाता है, जिससे सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ती और पर्यावरण का संरक्षण भी होता है। इस आधुनिक पद्धति से निर्माण की लागत में भी कमी आएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अगले छह महीनों में यह कार्य संपन्न कर लिया जाएगा, जिससे वाहन चालकों को गड्ढामुक्त और समतल सड़क की सुविधा मिल सकेगी।

 

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