Greater Noida / भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता): सदर तहसील प्रशासन ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांवों में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। तहसील की टीम ने बुलडोजर की मदद से जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। खाली कराई गई जमीन की बाजार में कीमत 6 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर, श्री आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि तहसील के जैतपुर वैशपुर गांव में खसरा संख्या [यदि उपलब्ध हो] की लगभग 600 वर्ग मीटर और बिरोंडी चक्रसेनपुर गांव में 630 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था।
इस कीमती सरकारी जमीन पर कई दुकानें और मकान बना लिए गए थे, और कुछ नए निर्माण कार्य भी चल रहे थे। श्री गुप्ता ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन, नोटिसों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया और जमीन खाली नहीं की गई।
कई बार चेतावनी देने के बाद, शनिवार को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पूरी तैयारी के साथ दोनों गांवों में पहुंची। टीम ने जेसीबी और बुलडोजर की मदद से जमीन पर बने सभी पक्के और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। कुछ ही घंटों में पूरी जमीन को समतल कर उसे कब्जे में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “शासनादेश के अनुसार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है। जिन लोगों ने यह अवैध निर्माण किया था, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।” प्रशासन की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

