Greater Noida News: ₹500 करोड़ का ज़मीन घोटाला: अधिग्रहीत भूमि बिल्डरों को बेचने के आरोप में लोकेंद्र भाटी गिरफ्तार

Greater Noida News: ₹500 crore land scam: Lokendra Bhati arrested for selling acquired land to builders

Partap Singh Nagar
6 Min Read
Greater Noida News: ₹500 करोड़ का ज़मीन घोटाला: अधिग्रहीत भूमि बिल्डरों को बेचने के आरोप में लोकेंद्र भाटी गिरफ्तार

Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: गौतम बुद्ध नगर की सेंट्रल नोएडा अपराध शाखा (Crime Branch) ने एक बड़े ज़मीन घोटाले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी लोकेंद्र सिंह भाटी को गिरफ्तार किया है। लोकेंद्र भाटी पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) की अधिग्रहीत और नोटिफाइड 500 करोड़ रुपये मूल्य की ज़मीन अवैध रूप से बिल्डरों को बेचने का गंभीर आरोप है।

आरोपी लोकेंद्र सिंह भाटी जलालपुर गांव का निवासी है। इस मामले में पुलिस ने जांच तब शुरू की जब एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ने इस घोटाले का खुलासा किया था

पूरा मामला- विशाल घोटाले का विवरण

यह पूरा घोटाला तब सामने आया जब एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ने इस धोखाधड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जानकारी के अनुसार, बिसरख गांव में खसरा संख्या 773 में कुल 75,500 वर्ग मीटर जमीन थी, जिसमें से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2008 में 51 हज़ार वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। आरोप है कि प्राधिकरण ने 2010 से 2023 तक इस अधिग्रहीत जमीन का आवंटन नहीं किया, और लोकेंद्र भाटी ने प्राधिकरण की इसी अनदेखी का फायदा उठाकर यह ज़मीन बिल्डरों को बेच दी। जिन बिल्डरों ने यह ज़मीन खरीदी, उन्होंने इस पर फ्लैट और विला का निर्माण भी कर लिया। अधिकारियों का मानना है कि यदि प्राधिकरण इस ज़मीन को नियमानुसार आवंटित करता, तो इससे उसे राजस्व के रूप में करीब दो हज़ार करोड़ रुपये की आय होती।

शिकायत अनिल भाटी ने दर्ज कराई थी और आरोपी लोकेंद्र भाटी इस मामले में बिसरख कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के केस में फरार चल रहा था। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने फरवरी 2024 में इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमीशन का गठन किया था, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद, यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया, जिसने सोमवार को आरोपी लोकेंद्र भाटी को गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई और लोगों के फंसने की संभावना है, और गिरफ्तारी के बाद जांच व पूछताछ की जा रही है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा? प्राधिकरण की लापरवाही या मिलीभगत?

जांच के दौरान सामने आया है कि इस घोटाले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कथित लापरवाही का फायदा उठाया गया।

🔸अधिग्रहण की स्थिति: बिसरख गांव में खसरा संख्या 773 में कुल 75,500 वर्ग मीटर ज़मीन है, जिसमें से प्राधिकरण ने वर्ष 2008 में 51 हज़ार वर्ग मीटर का अधिग्रहण कर लिया था।

🔸लापरवाही का फायदा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहण के बाद भी इस 51 हज़ार वर्ग मीटर ज़मीन का आवंटन 2010 से 2023 तक नहीं किया।

आरोप है कि लोकेंद्र भाटी ने प्राधिकरण की इसी अनदेखी का लाभ उठाकर यह ज़मीन बिल्डरों को बेच दी।

🔸निर्माण कार्य: ज़मीन खरीदने वाले बिल्डरों ने इस पर फ्लैट और विला का निर्माण भी कर लिया।

🔸राजस्व का नुकसान: अधिकारियों का अनुमान है कि यदि प्राधिकरण इस ज़मीन को आवंटित करता, तो इससे उसे राजस्व के रूप में लगभग दो हज़ार करोड़ रुपये की आय होती।

विजिलेंस जांच और कानूनी कार्रवाई

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने फरवरी 2024 में इस पूरे मामले की जांच के लिए कमीशन का गठन किया था। कमीशन की जांच में आरोपी सही पाए गए। इसके बाद, क्राइम ब्रांच को यह मामला सौंप दिया गया।

🔸गिरफ्तारी: क्राइम ब्रांच ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) की रात को लोकेंद्र भाटी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इस मामले में फरार चल रहा था।

🔸उच्च न्यायालय का आदेश: आरोप है कि लोकेंद्र भाटी ने ज़मीन की विद्यार्थी न्यायालय (विद्यर्थी कोर्ट) में दाखिल याचिका के दम पर ज़मीन अपने नाम करा ली थी। कोर्ट के आदेश पर पूरे मामले की जांच जारी है।

🔸आगे की जांच: पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में कई और लोग और बड़े नाम जुड़ सकते हैं। गिरफ्तारी के बाद इस मामले की और गहराई से जांच की जा रही है।

क्राइम ब्रांच अब लोकेंद्र भाटी से पूछताछ कर रही है ताकि इस धोखाधड़ी में शामिल प्राधिकरण के कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

सांसद सुरेंद्र सिंह नागर से संबंध की चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम में गिरफ्तार आरोपी लोकेंद्र भाटी का नाम कथित रूप से राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के रिश्तेदार के रूप में भी सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है।

 

 

Spread the love
Share This Article
Follow:
समाज, राजनीति और क्राइम पर पैनी नजर– सब कवर! सच्चाई उजागर, मिथक तोड़ता हूं |
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *