Greater Noida News: 23 साल पुराने खूनी संघर्ष का अंत, जमीनी विवाद में 4 लोगों की हत्या के दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा

Greater Noida News: 23-year-old bloody conflict ends, life sentence for four people killed in a land dispute

Partap Singh Nagar
3 Min Read
Greater Noida News: 23 साल पुराने खूनी संघर्ष का अंत, जमीनी विवाद में 4 लोगों की हत्या के दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा

 

Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: गौतम बुद्ध नगर की जिला एवं सत्र न्यायालय ने 23 साल पुराने एक चर्चित मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दादरी क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में चार लोगों की हत्या के मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोषियों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?

सहायक शासकीय अधिवक्ता चवन पाल भाटी के अनुसार, यह घटना 25 अप्रैल 2002 की है। दादरी थाना क्षेत्र के गांव नगला नयनसुख में दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते, सुबह करीब 4 बजे गजेंद्र, फिरे, रमेश उर्फ बिट्टू, और सिंटू उर्फ रविकांत सहित कई हथियारबंद लोगों ने बलबीर सिंह के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने घर में घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया। इस हमले में जीत राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि धर्मवीर, नरेंद्र, सुरेंद्र और एक महिला ममकौर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या चार हो गई।

अदालत का फैसला

मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश (स्पेशल जज पॉक्सो) विजय कुमार हिमांशु की अदालत में हुई। दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद, न्यायालय ने चारों आरोपियों—गजेंद्र पुत्र होशियार सिंह, फिरे पुत्र भूले राम, रमेश उर्फ बिट्टू पुत्र श्रीचंद, तथा सिंटू उर्फ रविकांत पुत्र श्योराज—को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 77-77 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना राशि जमा न करने पर उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान पहले ही मृत्यु हो चुकी है।

 पुलिस की प्रभावी पैरवी

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने इस फैसले को “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में थाना दादरी पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन इकाई की मजबूत और प्रभावी पैरवी के कारण ही 23 वर्ष बाद पीड़ितों के परिवार को न्याय मिल सका है।

 

 

Spread the love
Share This Article
Follow:
समाज, राजनीति और क्राइम पर पैनी नजर– सब कवर! सच्चाई उजागर, मिथक तोड़ता हूं |
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *