Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन, गौतमबुद्धनगर द्वारा बुधवार को जिला जज मलखान सिंह के लिए एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिला जज का स्थानांतरण प्रदेश के सबसे बड़े जनपद लखनऊ में होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के सभी वरिष्ठ, युवा एवं महिला अधिवक्ताओं ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर उनकी नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं दीं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी ने जिला जज को प्रतीक चिन्ह, सत्यार्थ प्रकाश और गीता भेंट करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशा व्यक्त की कि वे जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति के पद को सुशोभित करेंगे।
बार और बेंच के बीच सामंजस्य के प्रतीक रहे जिला जज

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जिला जज मलखान सिंह का लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण जनपद में स्थानांतरण हम सभी के लिए गर्व का विषय है, लेकिन एक कुशल और सहयोगी न्यायिक अधिकारी के जाने का हमें दुःख भी है। उन्होंने कहा, “जिला जज साहब ने अपने मात्र 5 माह के संक्षिप्त कार्यकाल में बार और बेंच के बीच एक अद्भुत सामंजस्य स्थापित किया। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसके लिए हम सदैव उनके आभारी रहेंगे।”
अधिवक्ताओं के हित में किए कई महत्वपूर्ण कार्य
इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला जज मलखान सिंह ने गौतमबुद्धनगर बार को देश की शानदार बारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सबसे पहले न्यायालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया, “बार अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी द्वारा उठाई गई 15 प्रमुख समस्याओं में से अधिकांश का समाधान किया जा चुका है। अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरण की फाइल उच्च न्यायालय भेज दी गई है और जल्द ही इसकी अनुमति मिलने की संभावना है।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महिला अधिवक्ताओं के लिए क्रेच व बार रूम, उपभोक्ता न्यायालय के लिए अलग गेट, नए पारिवारिक न्यायालय परिसर से मुख्य परिसर में गेट और बहुमंजिला पार्किंग जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही ये सुविधाएं अधिवक्ताओं को समर्पित कर दी जाएंगी।
अपने विदाई भाषण में भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मैं आप सभी के प्यार और स्नेह से इतना अभिभूत हूं कि अलविदा नहीं कहूंगा, बल्कि फिर मिलने के वादे के साथ विदा लेता हूं।” उनके इस कथन पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव अजीत नागर एडवोकेट द्वारा किया गया। इस अवसर पर समस्त न्यायिक अधिकारीगण तथा ब्रह्म सिंह नागर, जगदीश भाटी, मुकेश कर्दम, राकेश गौतम, अजीत भाटी, रविदत्त कौशिक, और अन्य गणमान्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

