Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, देश में सबसे अधिक निवेश आकर्षित करने का जो सपना देखा था, वह अब तेज़ी से ज़मीन पर उतर रहा है। प्राधिकरण की ओर से चार प्रमुख औद्योगिक योजनाओं में अब तक 65 कंपनियों को प्लॉट का आवंटन किया जा चुका है। इन कंपनियों द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में लगभग ₹2200 करोड़ रुपए का भारी निवेश किया जाएगा।
इस बड़े निवेश का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि इससे आने वाले समय में लगभग 22,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार का अवसर मिलेगा। जिन कंपनियों को प्लॉट आवंटित हुए हैं, उनमें से कई ने अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए ज़मीन पर काम भी शुरू कर दिया है।
योजनावार आवंटन और रोज़गार की स्थिति
यमुना विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में हुए आवंटन और उनसे जुड़े निवेश का विवरण निम्नलिखित है:
| योजना का नाम | आवंटित प्लॉट (कुल 65) | अनुमानित निवेश | संभावित रोज़गार |
|---|---|---|---|
| मेडिकल डिवाइस पार्क | 12 | ₹100 करोड़ | 1,000 |
| मिक्स लैंड यूज योजना | 11 | ₹1000 करोड़ | 4,500 |
| टॉय/अपैरल/हैंडीक्राफ्ट पार्क (8000 वर्गमीटर तक) | 37 | ₹700 करोड़ | 3,000 |
| टॉय/अपैरल/हैंडीक्राफ्ट पार्क (8000 वर्गमीटर से बड़े) | 5 | ₹400 करोड़ | 13,500 |
| कुल योग | 65 | ₹2200 करोड़ | 22,000 |
मुख्य आकर्षण बिंदु:
🔸 मिक्स लैंड यूज योजना: इस योजना में आवंटित 11 प्लॉट से सर्वाधिक ₹1000 करोड़ का निवेश आएगा, जिससे 4500 लोगों को रोज़गार मिलेगा।
🔸बड़ा रोज़गार सृजन: टॉय पार्क, अपैरल पार्क और हैंडीक्राफ्ट पार्क की बड़ी इकाईयों (8000 वर्गमीटर से बड़े 5 प्लॉट) में अकेले 13,500 लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद है, जो कुल रोज़गार का एक बड़ा हिस्सा है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक क्लस्टर का यह विकास न केवल क्षेत्र की आर्थिक गति को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में स्थापित करने के मुख्यमंत्री के विज़न को भी मजबूती प्रदान करेगा।

