Greater Noida News: 15 जनवरी तक समाधान नहीं तो लखनऊ कूच करेंगे किसान: यमुना एक्सप्रेसवे महापंचायत में राकेश टिकैत की चेतावनी

Greater Noida News: If there is no solution by January 15, farmers will march to Lucknow: Rakesh Tikait's warning at the Yamuna Expressway Mahapanchayat

Bharatiya Talk
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Greater Noida News: 15 जनवरी तक समाधान नहीं तो लखनऊ कूच करेंगे किसान: यमुना एक्सप्रेसवे महापंचायत में राकेश टिकैत की चेतावनी

Greater Noida/भारतीय टॉक न्यूज़:  भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे के नीचे आयोजित एक विशाल महापंचायत में प्रशासन और सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। टिकैत ने स्पष्ट किया कि यदि 15 जनवरी तक किसानों की लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 6 जिलों के किसान एकजुट होकर लखनऊ की ओर कूच करेंगे।

प्रमुख मांगें और प्रशासन का आश्वासन

यमुना प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में किसानों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को रखा:
🔸अतिरिक्त मुआवजा: किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा जल्द दिया जाए।
🔸 सर्किल रेट: जमीन के सर्किल रेट में न्यायोचित बढ़ोत्तरी की जाए।
🔸 स्थाई रोजगार: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान परिवारों के युवाओं को ठेकेदारी के बजाय योग्यता के आधार पर स्थाई सरकारी नौकरी मिले।
🔸आबादी निस्तारण: पुरानी आबादियों के निस्तारण और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाए।

अधिकारियों (यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह और एडीएम बच्चू सिंह) ने इन मांगों को जनवरी के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद महापंचायत को फिलहाल स्थगित किया गया।

 Greater Noida News: 15 जनवरी तक समाधान नहीं तो लखनऊ कूच करेंगे किसान: यमुना एक्सप्रेसवे महापंचायत में राकेश टिकैत की चेतावनी

“भाजपा सरकार किसान विरोधी” – राकेश टिकैत

महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “विकास के नाम पर किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं और उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और गौतमबुद्धनगर जैसे जिलों में पुरानी आबादियों को अतिक्रमण बताकर तोड़ा जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि इस बार किसान पीछे नहीं हटेंगे। 13 से 15 जनवरी के बीच यदि आला अफसरों ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसान सीधे मुख्यमंत्री के द्वार यानी लखनऊ पहुंचेंगे और वहीं डेरा डालेंगे।

6 जिलों के पदाधिकारी रहे मौजूद

इस महापंचायत में आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्षों समेत भारी संख्या में किसान, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की समस्याओं को मजबूती से मंच पर रखा।

 

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