Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँचने के बाद लागू किए गए ग्रैप-4 के नियमों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बेहद सख्त नजर आ रहा है। क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, जिससे आम जनता का सांस लेना दूभर हो गया है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण के तहत निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके बावजूद कई स्थानों पर इन आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं, जिस पर लगाम कसने के लिए प्राधिकरण ने अब दंडात्मक अभियान छेड़ दिया है।


करोड़ों के प्रोजेक्ट्स और निजी निर्माणों पर चला चाबुक
प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने पिछले दो दिनों के भीतर सघन चेकिंग अभियान चलाकर कुल 46 जगहों पर नियमों का उल्लंघन पकड़ा है। एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में गठित टीमों ने सेक्टरों, सोसायटियों और यहाँ तक कि ग्रामीण इलाकों में भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने केवल मौखिक चेतावनी देने के बजाय सीधे आर्थिक दंड का रास्ता अपनाया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई में अब तक कुल 49.45 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई जा चुकी है, जिसमें नामी बिल्डर्स से लेकर व्यक्तिगत निर्माणकर्ता तक शामिल हैं।
भारी जुर्माने की चपेट में आए बड़े नाम
नियमों की अवहेलना करने वालों में बड़े डेवलपर्स और व्यक्तिगत भूखंड स्वामी दोनों शामिल रहे। प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार एटीएस सेक्टर-1, बृंदा स्काई वार्ड, और खेड़ा चौगानपुर में मनोज शर्मा, बटुकनाथ शुक्ल एवं एबीएस डेवलपर्स जैसे नामों पर 5-5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त ऐस ग्रुप, सिवीटेक, फ्यूजन और भनौता क्षेत्र के कई निवासियों पर भी 1-1 लाख रुपये की पेनल्टी ठोंकी गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि उल्लंघन चाहे किसी बड़ी कंपनी ने किया हो या किसी ग्रामीण ने, कार्रवाई में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
सख्त निर्देश और वसूली की समय सीमा
जुर्माना लगाने के साथ ही प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों को सख्त हिदायत दी है कि पेनल्टी की यह राशि एक सप्ताह के भीतर प्राधिकरण के आधिकारिक खाते में जमा करानी होगी। टीम ने मौके पर वीडियो साक्ष्य भी जुटाए हैं ताकि कार्रवाई को चुनौती न दी जा सके। प्राधिकरण ने एक बार फिर सभी निवासियों और निर्माण एजेंसियों को सचेत किया है कि वे निर्माण सामग्री को पूरी तरह ढककर रखें और धूल को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित करें। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं दिखता है, तो आने वाले दिनों में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।


