Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा सेक्टर सिग्मा-2 में रविवार को स्थानीय निवासियों ने एक आम सभा (General Body Meeting) का आयोजन कर वर्तमान रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों ने वर्तमान RWA अध्यक्ष पर तानाशाही रवैया अपनाने, नियमों के उल्लंघन और अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

संशोधन और सदस्यता शुल्क पर विवाद
विरोध कर रहे निवासियों का कहना है कि वर्तमान RWA अध्यक्ष युधिष्ठिर शर्मा द्वारा संस्था के बायलॉज (Bylaws) में अवैध तरीके से संशोधन पारित किए गए हैं। सबसे बड़ा विवाद सदस्यता शुल्क को लेकर है। निवासियों के अनुसार, RWA सदस्यता के लिए निर्धारित शुल्क 1,000 रुपये है, लेकिन वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा नए सदस्यों से 12,000 रुपये की मनमानी मांग की जा रही है।
निवासियों ने आरोप लगाया कि जो लोग यह अत्यधिक राशि नहीं दे रहे हैं, उन्हें सदस्यता से वंचित रखा जा रहा है और सेक्टर की बुनियादी सुविधाओं के लाभ से भी दूर किया जा रहा है।
सार्वजनिक सड़क पर अवैध कब्जा और बैरिकेडिंग
सभा में एक और मुख्य मुद्दा 18 मीटर चौड़ी सार्वजनिक सड़क को बंद करने का रहा। दस्तावेज़ों से पता चला है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस संबंध में RWA अध्यक्ष को नोटिस भी जारी किया है। नोटिस के अनुसार, सेक्टर की सार्वजनिक सड़क पर की गई बैरिकेडिंग अवैध है और ‘अतिक्रमण’ की श्रेणी में आती है।
इस बैरिकेडिंग के कारण ब्लॉक-C और ब्लॉक-D के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण ने आदेश दिया था कि इस बैरिकेडिंग को 7 दिनों के भीतर हटाया जाए, अन्यथा प्राधिकरण इसे खुद ध्वस्त कर देगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासनिक अनदेखी से नाराजगी
निवासियों में इस बात को लेकर भी भारी रोष है कि मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) और प्राधिकरण में बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसके अलावा, सेक्टर में सुरक्षा (Security), साफ-सफाई और अवैध उगाही को लेकर भी कार्यकारिणी पर सवाल उठाए गए हैं।
“RWA सभी निवासियों की संस्था होती है, न कि किसी एक गुट या व्यक्ति की जागीर। हम नियमों के अनुसार पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।” — विरोध कर रहे सेक्टर निवासी
मुख्य मांगें:
1. RWA के अवैध संशोधनों को तुरंत रद्द किया जाए।
2. सदस्यता शुल्क नियमों के अनुसार (1,000 रुपये) तय हो।
3. 18 मीटर चौड़ी सार्वजनिक सड़क से अवैध बैरिकेडिंग तुरंत हटाई जाए।
4. सेक्टर में सुरक्षा और सफाई व्यवस्था में सुधार हो।
निवासियों ने पुलिस प्रशासन (चौकी इंचार्ज, बीटा-2) को भी पत्र लिखकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
RWA अध्यक्ष का पक्ष:
इन तमाम आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए RWA अध्यक्ष युधिष्ठिर शर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा:
“13,000 रुपये की जो राशि मांगी जा रही है, वह पूरे साल के रखरखाव और सुविधाओं के लिए है। संस्था के पास फंड की भारी कमी है, और सुचारू रूप से कार्य करने के लिए सदस्यों को यह सहयोग देना होगा। जहाँ तक रास्तों को बंद करने का सवाल है, वर्तमान में हमने सुरक्षा कारणों और संसाधनों की कमी की वजह से 2 रास्ते बंद किए हैं और भविष्य में 2 और गेट बंद करने की योजना है। जो लोग इस कदम का विरोध कर रहे हैं, वे RWA कार्यकारिणी टीम का हिस्सा नहीं हैं।


