Greater Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़: कासना कोतवाली क्षेत्र के लखनावली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पति की आत्महत्या के महज तीन दिन बाद उसकी नवविवाहिता पत्नी का शव भी ससुराल में फंदे से लटका मिला। मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
लखनावली गांव निवासी राकेश ने बताया कि उन्होंने अपनी दो बेटियों, अमृता और आशा, की शादी 2 दिसंबर 2024 को घंघोला गांव निवासी दो सगे भाइयों संदीप और प्रदीप से की थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था। हाल ही में रक्षाबंधन के त्योहार पर दोनों बेटियां मायके आई हुई थीं। इसी बीच, 12 अगस्त को आशा के पति प्रदीप ने अज्ञात कारणों से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के परिजनों का आरोप है कि उन्हें सूचना दिए बिना और उनके पहुंचने से पहले ही प्रदीप के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे उनकी शंका और बढ़ गई।
मारपीट और हत्या की साजिश का आरोप
मृतका के पिता राकेश के अनुसार, जब वे प्रदीप की मौत के बाद अपनी बेटियों को वापस ससुराल छोड़ने गए, तो ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट की और बेटियों को प्रताड़ित करने की धमकी दी। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच 15 अगस्त को आशा का शव भी उसके ससुराल के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया।
परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार किया है। उनका आरोप है कि आशा की गला दबाकर हत्या की गई और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया।
दहेज में कार और 10 लाख की मांग
मृतका के भाई सागर ने कासना कोतवाली में दी अपनी शिकायत में जेठ संदीप, सुखबीर, बीजू, सास संगीता, चचिया सास राजवती, ननद प्रीति और देवर नरेश समेत कुल 12 लोगों पर षड्यंत्र रचकर हत्या करने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दोनों बहनों से एक स्विफ्ट कार और 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और मांग पूरी न होने पर उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, कासना कोतवाली पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

