ग्रेटर नोएडा वेस्ट / भारतीय टॉक न्यूज़: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर व्रत खोलना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों के निवासियों के लिए मुसीबत बन गया। बिसरख थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न सोसायटियों में कुट्टू का आटा खाने से करीब 38 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पीड़ितों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिन्हें उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायतों के बाद आनन-फानन में निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
इन सोसायटियों में बिगड़े हालात
जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 फरवरी 2026 की रात की है। व्रत खोलने के दौरान निवासियों ने अपनी सोसायटियों के भीतर स्थित दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदकर सेवन किया था। इसके कुछ देर बाद ही लोगों को घबराहट और पेट में तेज दर्द होने लगा।
🔸 हिमालय प्राइड सोसाइटी: यहाँ सबसे ज्यादा करीब दो दर्जन लोग बीमार हुए।
🔸 सुपरटेक इको विलेज-3: सोसाइटी में लगभग एक दर्जन लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए।
🔸रॉयल कोर्ट सोसाइटी: यहाँ भी कई परिवारों के बीमार होने की सूचना मिली।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: सप्लाई यूनिट सील
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम सक्रिय हो गई। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
🔸 छापेमारी: इको विलेज 3, हिमालय प्राइड और रॉयल कोर्ट सोसाइटी के आसपास की दुकानों पर सघन छापेमारी की गई।
🔸 नमूने लिए गए: दुकानों में रखे आटे के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं।
🔸 यूनिट सील: सहायक आयुक्त सर्वेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने संबंधित सप्लाई यूनिट को चिन्हित कर उसे तुरंत सील कर दिया है।
मरीजों की स्थिति
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अधिकांश मरीजों की स्थिति अब सामान्य और खतरे से बाहर है। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद रात में ही डिस्चार्ज कर दिया गया था, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित लोगों का उपचार अभी भी जारी है।
“नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरी या घटिया सामग्री बेचने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — सर्वेश कुमार, सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा)

