Greater Noida/ Jewar /भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। एयरपोर्ट के नवनिर्मित रनवे पर पहले ‘कैलिब्रेशन फ्लाइट’ (परीक्षण विमान) ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की। यह एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम है, जो साबित करता है कि परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह स्थानीय जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण और एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी बने।

क्या है कैलिब्रेशन फ्लाइट का महत्व?
कैलिब्रेशन उड़ान किसी भी नए हवाई अड्डे को चालू करने से पहले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है। इस विशेष विमान में ऐसे उपकरण लगे होते हैं जो हवाई अड्डे के नेविगेशन और संचार प्रणालियों की सटीकता की जाँच करते हैं।
यह उड़ान सुनिश्चित करती है कि रनवे पर लगे एयरफील्ड लाइटिंग सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और डॉप्लर वोर ओम्नी रेंज (DVOR) जैसे सभी तकनीकी उपकरण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सटीक काम कर रहे हैं, ताकि विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ सुरक्षित हो सके।
#GreaterNoida : जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी कैलिब्रेशन फ्लाइट @skbhatiapcs @jewar_airport pic.twitter.com/bdOahWQF2w
— BT News |Bharatiya Talk| (@BharatiyaTalk) October 31, 2025
“किसानों के सहयोग से सपना साकार हुआ”
इस मौके पर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इसे वर्षों की मेहनत का फल बताया। उन्होंने कहा, “यह एक सपना था जो आज साकार हो रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अवसंरचनात्मक विकास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।”
उन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीनें देने वाले किसानों का विशेष आभार जताते हुए कहा, “किसानों के सहयोग और प्रशासनिक दृढ़ता के बिना यह संभव नहीं था। यह सफल लैंडिंग बताती है कि हम वाणिज्यिक उड़ानों से बस एक कदम दूर हैं।”
अंतिम चरण में एयरपोर्ट, अप्रैल 2025 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं का प्रतीक बताते हुए इसकी गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया है।
इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों, जिनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) की मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) किरण जैन और यमुना प्राधिकरण के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया शामिल हैं, की देखरेख में काम तेजी से चल रहा है।

कैलिब्रेशन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। डीजीसीए से लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट वाणिज्यिक उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। सरकार ने अप्रैल 2025 तक एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
जेवर एयरपोर्ट न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का बोझ कम करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उद्योग, पर्यटन और रोजगार के लिए विकास का एक नया द्वार खोलेगा।

