गौतमबुद्धनगर / भारतीय टॉक न्यूज़ : जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खनन पट्टा क्षेत्र की आड़ में चोरी-छिपे नदी की जलधारा से बालू निकालने वाले सिंडिकेट पर प्रशासन ने 5 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका है। इसके साथ ही जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

जलधारा में मिला अवैध खनन का सबूत
जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि आवंटित पट्टा क्षेत्र से बाहर निकलकर कुछ लोग अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासन की टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि नियम विरुद्ध तरीके से नदी की जलधारा के भीतर से बालू निकाली जा रही थी, जो न केवल अवैध है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद खतरनाक है। मौके पर अवैध खनन के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
33 वाहनों पर गिरी गाज, वसूला लाखों का जुर्माना
खनन विभाग ने पिछले एक महीने की कार्रवाई का ब्यौरा भी साझा किया है। जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी ने बताया कि अवैध परिवहन रोकने के लिए जिले भर में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
🔸कार्रवाई का दायरा: जेवर, दादरी, दनकौर और कासना सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में छापेमारी की गई।
🔸 पकड़े गए वाहन: दिसंबर 2025 के दौरान कुल 33 वाहनों को अवैध उपखनिज का परिवहन करते हुए पकड़ा गया।
🔸आर्थिक दंड: पकड़े गए वाहनों और अवैध खनन के मामलों में कुल 12,39,730 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।

प्रशासन की चेतावनी: नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त जेल
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवंटित पट्टा क्षेत्रों की ड्रोन और भौतिक रूप से नियमित निगरानी की जाएगी। यदि कोई भी पट्टा धारक या माफिया तय सीमा से बाहर या जलधारा के बीच खनन करता पाया गया, तो उसका पट्टा निरस्त करने के साथ-साथ गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।
“अवैध खनन से राजस्व की हानि के साथ पर्यावरण को भी नुकसान होता है। प्रशासन की टीमें दिन-रात सक्रिय हैं और किसी भी सूरत में अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” > — खनन विभाग, गौतमबुद्धनगर

