Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हथियाने और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पूरे प्रकरण में पुलिस की निष्क्रियता के बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बिसरख कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह के अनुसार, पूरा विवाद बिसरख जलालपुर स्थित एक जमीन से जुड़ा है। उनका आरोप है कि उक्त भूमि पर चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, कानूनन उसे मूल भूमिधरों (ओरिजिनल मालिकों) को वापस मिल जाना चाहिए था। लेकिन, कथित तौर पर अधिकारियों से मिलीभगत करके इस भूमि को फर्जी तरीके से ‘बादामी देवी विद्या मंदिर’ के नाम दर्ज करा दिया गया।
इसके बाद, जब ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की, तब भी इस फर्जीवाड़े को जारी रखा गया। मंदिर के नाम पर दिखाई गई कुल भूमि में से कुछ हिस्से को प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण से मुक्त छोड़ दिया गया, जिसे स्कूल और खेल के मैदान (प्लेग्राउंड) के लिए आरक्षित दिखाया गया।
खेल मैदान पर बना दिया वेयरहाउस
कुलदीप सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी लोकेन्द्र भाटी ने खेल के मैदान के लिए छोड़ी गई इसी आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। आरोप है कि लोकेन्द्र ने वहां एक बड़ा वेयरहाउस (गोदाम) तान दिया और अब उस अवैध निर्माण को निजी उपयोग में लेने के साथ-साथ उसे किराये पर देकर मुनाफा कमा रहा है।
धमकी देने का भी आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े की शिकायत विभिन्न उच्चाधिकारियों से की, तो आरोपी उनसे रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश के चलते, बीती 19 सितंबर 2025 को आरोपी लोकेन्द्र भाटी, गुलशन और नरेंद्र ने उन्हें रास्ते में रोककर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले में बिसरख कोतवाली के प्रभारी मनोज सिंह ने पुष्टि की है कि न्यायालय के आदेश (धारा 156(3) के तहत) पर केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

