New Delhi/ भारतीय टॉक न्यूज़: हाल के दिनों में लगातार उड़ानें रद्द होने और यात्रियों को हुई भारी असुविधा के बाद केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पर अब तक की सबसे बड़ी सख्ती बरती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को अपनी कुल उड़ानों और रूटों में 10% की कटौती करने का सख्त आदेश दिया है।
यह कदम केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू के सीधे निर्देश पर उठाया गया है। मंत्री ने इंडिगो के शीर्ष प्रबंधन को मंत्रालय में तलब किया, जहां सीईओ पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) को हाथ जोड़े हुए देखा गया, जो एयरलाइन के संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
मुख्य बातें और आदेश
🔸 10% की कटौती का आदेश: मंत्रालय ने इंडिगो को अपने कुल उड़ान कार्यक्रम (Flight Schedule) में 10% की कटौती करने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य एयरलाइन के परिचालन को स्थिर करना और भविष्य में उड़ानें रद्द होने की घटनाओं को कम करना है।
🔸 सीईओ को तलब: केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को मंत्रालय में बुलाया। मंत्री ने यात्रियों की देखभाल, रिफंड की स्थिति और बैगेज वापसी को लेकर कड़े निर्देश दिए।
🔸आंतरिक खामी पर सख्ती: नायडू ने स्पष्ट किया कि हालिया संकट क्रू रोस्टरिंग और आंतरिक परिचालन योजना में “आंतरिक कुप्रबंधन” (Internal Mismanagement) के कारण हुआ है, न कि केवल तकनीकी समस्या के कारण।
🔸रिफंड की पुष्टि: सीईओ एल्बर्स ने बैठक में पुष्टि की कि 6 दिसंबर तक प्रभावित उड़ानों के लिए 100 प्रतिशत रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन बचे हुए रिफंड और सामान लौटाने की प्रक्रिया को तुरंत तेज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
🔸 किराया सीमा (Fare Cap): इंडिगो को मंत्रालय के सभी निर्देशों, जिसमें किराए की सीमा और यात्री सुविधा से जुड़े उपाय शामिल हैं, का पालन बिना किसी अपवाद के करने को कहा गया है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
पिछले कुछ हफ्तों से, खराब मौसम और पायलटों की ड्यूटी नियमों में बदलाव (Flight Duty Time Limitations – FDTL) के चलते इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द हुईं और उनमें भारी देरी हुई। इससे लाखों यात्रियों को देश भर के हवाई अड्डों पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने संसद और मीडिया दोनों में सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि सरकार किसी भी एयरलाइन को यात्रियों को कठिनाई पहुँचाने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इंडिगो पर ऐसा कड़ा एक्शन लिया जाएगा, जो पूरे एविएशन सेक्टर के लिए एक मिसाल बनेगा।
10% उड़ानों की कटौती का मतलब है कि इंडिगो को अपने दैनिक परिचालन से लगभग 215 से 230 उड़ानें अस्थायी रूप से कम करनी होंगी। इससे एयरलाइन को अपने क्रू रॉस्टर और परिचालन को व्यवस्थित करने के लिए समय मिलेगा।
भविष्य की राह
सरकार ने अन्य विमान कंपनियों, जैसे एयर इंडिया को भी अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने के लिए कहा है, ताकि इंडिगो की उड़ानों में कटौती से पैदा होने वाली यात्रियों की मांग को पूरा किया जा सके। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और यात्री सुविधा में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

