Katra /Jammu Kashmir News , भारतीय टॉक न्यूज़: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी के यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए एक भीषण भूस्खलन में कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं । यह दुखद घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुई । घटना के बाद यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है ।

लगातार भारी बारिश के कारण त्रिकुटा की पहाड़ियों पर भूस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में कई श्रद्धालु आ गए । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा मलबे और पत्थरों के साथ यात्रा मार्ग पर आ गिरा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई । आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने का काम जारी है ।

व्यापक बचाव अभियान जारी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं । घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों, जैसे कटरा सीएचसी और नारायणा चिकित्सा केंद्र, में भर्ती कराया गया है ।
जम्मू संभाग में बाढ़ जैसे हालात
यह भूस्खलन जम्मू संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश का परिणाम है । लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की कई नदियां उफान पर हैं, जिससे जम्मू के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं । जम्मू शहर में चौथा तवी पुल का एक हिस्सा भी बह गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है । इस प्राकृतिक आपदा के चलते जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है ।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू-कटरा राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है और रेलवे ने वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली कई ट्रेनों सहित 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है । प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम ठीक होने तक अपनी यात्रा की योजना न बनाएं ।

