Lucknow/ भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) के भूमि अधिग्रहण मुआवजे में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। इस बड़े मामले में राजस्व परिषद के चेयरमैन आईएएस अनिल कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) आईएएस विशाख जी को विस्तृत जांच सौंप दी है।
जांच के दायरे में तत्कालीन प्रशासनिक और राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी आ गए हैं, जिनमें तत्कालीन ADM, SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल शामिल हैं। इन सभी की भूमिका संदेह के घेरे में है।
करोड़ों रुपये के अवैध मुआवजे की वसूली का निर्देश
राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने डीएम को न केवल पूरे मामले की गहनता से जांच करने का निर्देश दिया है, बल्कि गलत तरीके से जारी किए गए मुआवजे की राशि वसूलने के लिए भी तत्काल कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
सरोसा-भरोसा गाँव का विशेष मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2013 के आसपास का है, जब 302 किलोमीटर लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी। विशेष रूप से यह मामला लखनऊ की सरोजनी नगर तहसील के सरोसा-भरोसा गाँव से जुड़ा है।
🔸 गाटा संख्या 3 की करीब 68 बीघा जमीन में से लगभग दो बीघा हिस्से को लेकर यह अनियमितता सामने आई है।
🔸यहां के दो व्यक्तियों, अनुसूचित जाति के भाईलाल और बनवारी लाल को वर्ष 2007 से पहले का काबिज (कब्जेदार) दर्शाया गया।
🔸इस फर्जीवाड़े के आधार पर उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से 1 करोड़ 9 लाख 86 हजार 415 रुपए का भारी भरकम मुआवजा जारी कर दिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि जिन व्यक्तियों को कागजों पर गरीब और काबिज दिखाया गया था, उनके बैंक खातों से अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कई बड़ी राशि दूसरे खातों में स्थानांतरित की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुआवजे की रकम को अवैध रूप से ठिकाने लगाया गया था।
जांच का दायरा
डीएम विशाख जी अब इस पूरे मामले की परतें खोलेंगे और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घोटाला तब सामने आया जब नवंबर 2022 में अपर आयुक्त प्रशासन, लखनऊ मंडल के पास एक पुनरीक्षण आवेदन पहुँचा था। यह जांच अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान हुए भूमि अधिग्रहण की अनियमितताओं को उजागर करती है।
इस हाई-प्रोफाइल जांच के बाद कई और बड़े खुलासे होने की आशंका है।

