गौतम बुद्ध नगर में नशे पर ‘महा-प्रहार’: पौने तीन साल में 10,000 किलो ड्रग्स जब्त, 1688 तस्कर सलाखों के पीछे

'Maha-prahar' on drug abuse in Gautam Buddha Nagar: 10,000 kg of drugs seized in three years, 1688 smugglers behind bars

Partap Singh Nagar
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गौतम बुद्ध नगर में नशे पर 'महा-प्रहार': पौने तीन साल में 10,000 किलो ड्रग्स जब्त, 1688 तस्कर सलाखों के पीछे

 

Noida News/भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरेट ने नशा तस्करों के खिलाफ एक अभूतपूर्व अभियान छेड़ते हुए सफलता की नई इबारत लिखी है। 1 जनवरी 2023 से 28 अगस्त 2025 तक चले इस सघन अभियान में पुलिस ने न केवल 1688 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, बल्कि 10,000 किलोग्राम से अधिक के नशीले पदार्थों का विशाल जखीरा भी बरामद किया है। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

2022 में उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार संभालने वाली आईपीएस अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी सिंह के कुशल नेतृत्व में यह मुहिम चलाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का लक्ष्य सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करना है। कमिश्नर सिंह ने कहा, “हमारी रणनीति खुफिया सूचनाओं पर आधारित त्वरित कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और अंतर-राज्यीय तस्करों पर विशेष फोकस करने की रही है। हमारा एकमात्र ध्येय आने वाली पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाकर एक सुरक्षित भविष्य देना है।”

आंकड़ों में अभियान की सफलता

पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़े इस अभियान की विशालता को दर्शाते हैं:

कुल दर्ज केस: 1497

कुल गिरफ्तारियां: 1688

जब्त वाहन: 54

बरामद नशीले पदार्थों का चौंकाने वाला ब्योरा:

| नशीला पदार्थ | जब्त मात्रा |

| गांजा | 8504.582 किलोग्राम |

| मैथाफेटामाइन (सिंथेटिक ड्रग) | 104.890 किलोग्राम |

| नशीला पाउडर | 925.50 किलोग्राम |

| कैनाबिस (भांग) | 163.40 किलोग्राम |

| स्मैक | 16.249 किलोग्राम |

| अफीम | 9.532 किलोग्राम |

| चरस | 8.10 किलोग्राम |

| कोकीन | 148 ग्राम |

| नशीली गोलियां | 471 गोलियां |

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और नई चुनौतियां

यह अभियान केवल स्थानीय तस्करों तक सीमित नहीं रहा। 2024 में ग्रेटर नोएडा में एक मैथ लैब का भंडाफोड़ हुआ, जहां से 95 किलोग्राम मेथाफेटामाइन जब्त की गई। इस मामले की जांच में मेक्सिको के ड्रग कार्टेल से जुड़े तार भी सामने आए, जिसने इस समस्या के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर किया।

पुलिस के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर की दिल्ली से निकटता और प्रमुख हाईवे का नेटवर्क इसे ओडिशा, मणिपुर जैसे राज्यों से आने वाले गांजे और अन्य ड्रग्स के लिए एक ट्रांजिट हब बनाता है। तस्कर अब डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी जैसे आधुनिक तरीकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पुलिस के लिए एक नई चुनौती है। हालांकि, ड्रोन निगरानी और बेहतर इंटर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से पुलिस इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर रही है।

भविष्य की रणनीति और सामाजिक पहल

यह कार्रवाई यूपी पुलिस के व्यापक ‘नशा मुक्त समाज – सुरक्षित भविष्य’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब पुलिस का फोकस सिर्फ धरपकड़ पर नहीं, बल्कि नशे की लत के सामाजिक पहलुओं पर भी है। 2025 में जिला प्रशासन ने ड्रिंक ड्राइविंग करने वालों और ड्रग्स का सेवन करने वाले युवाओं का एक डेटाबेस तैयार करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य उन्हें सजा देने के बजाय काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए प्रेरित करना है।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नागरिकों से इस मुहिम में सहयोग की अपील करते हुए कहा, “नशा एक सामाजिक बुराई है और इसे केवल पुलिसिया कार्रवाई से खत्म नहीं किया जा सकता। समाज के हर व्यक्ति को जागरूक होना होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 112 पर दें। आपकी एक सूचना किसी की जिंदगी बचा सकती है।”

 

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