Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ : निर्माणाधीन जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा में सेंध लगाते हुए कीमती एल्युमीनियम केबल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना इकोटेक प्रथम पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए टाटा कंपनी के एक साइट इंजीनियर समेत कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी किए गए ₹15 लाख रुपये मूल्य के 7 बंडल एल्युमीनियम केबल, एक फर्जी नंबर प्लेट लगा कैन्टर वाहन और एक स्विफ्ट कार बरामद की गई है।
जी.बी.यू. चौराहे पर हुई गिरफ्तारी
यह कार्रवाई दिनांक 02/03 दिसंबर 2025 की रात को की गई। थाना इकोटेक प्रथम पुलिस टीम गश्त और चेकिंग पर थी, तभी जी.बी.यू. चौराहे पर संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह जेवर एयरपोर्ट से नए एल्युमीनियम केबल चोरी करके उन्हें कबाड़ में बेचने का काम करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चोरी में टाटा कंपनी में टर्मिनल बिल्डिंग साइट इंजीनियर के पद पर कार्यरत शिवम शर्मा भी शामिल था।
गिरोह में शामिल थे साइट इंजीनियर और कबाड़ी
गिरफ्तार अभियुक्तों में विभिन्न भूमिकाओं के लोग शामिल थे, जो दर्शाते हैं कि यह चोरी एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी:
🔸शिवम शर्मा (उम्र 22 वर्ष): टाटा कंपनी का साइट इंजीनियर।
🔸इरशाद अहमद (उम्र 23 वर्ष): कैन्टर का चालक।
🔸मौ. सिराज (उम्र 21 वर्ष): कैन्टर का हेल्पर।
इजहार उर्फ सोनू (उम्र 26 वर्ष): कबाड़ी (कबाड़ खरीदने वाला)।
अभियुक्तों ने खुलासा किया कि इस चोरी में हवाई अड्डे के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस अब इन कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से निम्नलिखित महत्वपूर्ण वस्तुएँ बरामद की हैं:
🔸 07 बंडल एल्युमीनियम केबल: जिनकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है।
🔸एक कैन्टर: जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।
🔸 एक स्विफ्ट कार: जिसका उपयोग संभवतः रेकी या आवागमन के लिए किया गया।
इस मामले में थाना इकोटेक प्रथम में मु.अ.सं. 119/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 317(5), 318(4) और 3(5) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि निर्माणाधीन राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की चोरी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

