Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: गौतमबुद्धनगर की थाना सेक्टर-113 पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर देशभर में सैकड़ों लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹50,000 नकद, 20 मोबाइल फोन, 128 ATM कार्ड, 77 सिम कार्ड और बड़ी संख्या में बैंक से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। यह गिरोह सोशल मीडिया से लोगों का डेटा चुराकर और खुद को बैंगलोर की एक प्रतिष्ठित कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को अपना शिकार बनाता था।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तों ने अपने काम करने के तरीके का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पूरे भारत के लोगों का व्यक्तिगत डेटा जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईमेल और मोबाइल नंबर इकट्ठा करते थे। इसके बाद, वे खुद को बैंगलोर स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते और उन्हें आकर्षक दरों पर लोन देने का झांसा देते थे।
एक बार जब कोई व्यक्ति उनके जाल में फंस जाता, तो वे व्हाट्सएप पर उससे आधार, पैन और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज मंगवाते थे। इसके बाद असली खेल शुरू होता था। लोन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर वे पीड़ितों से अलग-अलग शुल्क वसूलते थे, जिनमें शामिल हैं:
रजिस्ट्रेशन फीस: ₹299
ECS IN HAND शुल्क: ₹399
इंश्योरेंस और GST: ₹2,400 से ₹3,200
यह सारी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए ली जाती थी। पैसे मिलने के बाद, ये ठग पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके ATM और सिम कार्ड भी अपने पास रख लेता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई और भारी बरामदगी
थाना सेक्टर-113 पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। दिनांक 01 अक्टूबर, 2025 को पुलिस ने जाल बिछाकर थाना क्षेत्र के FNG रोड से दो मुख्य अभियुक्तों, फैयाज आलम और आकाश कुमार, को एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से बरामद सामान देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उनके कब्जे से निम्नलिखित चीजें बरामद हुईं:
₹50,000 नकद
20 मोबाइल फोन
128 ATM कार्ड
77 सिम कार्ड
09 पासबुक और 05 चेकबुक
07 QR कोड और 03 पूरी बैंक किट
अभियुक्तों के मोबाइल फोन की जांच करने पर उनमें सैकड़ों लोगों का डेटा और व्हाट्सएप चैट मिले, जिनसे वे ठगी कर रहे थे या करने की फिराक में थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
दोनों गिरफ्तार अभियुक्त बिहार के सारण (छपरा) जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में नोएडा के बहलोलपुर इलाके में रह रहे थे।
फैयाज आलम (उम्र 22 वर्ष): पुत्र शाबिर हुसैन, ग्राम सलीमापुर, थाना मढौरा, सारन (बिहार)।
आकाश कुमार (उम्र 21 वर्ष): पुत्र जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, ग्राम सलीमापुर, थाना मढौरा, सारन (बिहार)।
पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ मु0अ0सं0- 414/2025 पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

