Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के नॉलेज पार्क स्थित बैक्सन अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण एक महिला को डेढ़ साल तक ‘नरक’ जैसी जिंदगी जीनी पड़ी। आरोप है कि डिलीवरी के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने महिला के पेट के अंदर आधा मीटर लंबा कपड़ा छोड़ दिया था।
डेढ़ साल का दर्द और 8 यूनिट खून
पीड़िता अंशुल वर्मा ने बताया कि 14 नवंबर 2023 को बैक्सन अस्पताल में डॉ. अंजना अग्रवाल ने उनकी डिलीवरी का ऑपरेशन किया था। डिस्चार्ज होने के बाद से ही उनके पेट में असहनीय दर्द रहने लगा। उन्होंने मुजफ्फरनगर, शारदा अस्पताल और जिम्स (GIMS) जैसे कई बड़े अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन कोई भी डॉक्टर दर्द की असली वजह नहीं पकड़ पाया।
अंततः 22 अप्रैल 2025 को कैलाश अस्पताल की डॉ. संचिता विश्वास ने जब ऑपरेशन किया, तो वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम दंग रह गई। महिला के पेट से आधा मीटर का कपड़ा बरामद हुआ। इस दूसरी सर्जरी के दौरान पीड़िता की जान बचाने के लिए 8 यूनिट खून चढ़ाना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, इस लापरवाही के कारण अब तीसरी सर्जरी संभव नहीं है, जिससे पीड़िता के भविष्य में दोबारा मां बनने पर भी संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के जांच अधिकारियों ने पूरी कोशिश की। सीएमओ (CMO) द्वारा नियुक्त जांच अधिकारियों पर मामले को लटकाने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं। जब पीड़िता को कहीं से न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
कोर्ट के कड़े रुख के बाद नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने डॉ. अंजना अग्रवाल, डॉ. मनीष गोयल, गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ डॉ. नरेंद्र मोहन, जांच अधिकारी डॉ. चंदन सोनी और डॉ. आशा किरन चौधरी समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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