ग्रेटर नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: एक तरफ जहां सरकार और प्रशासन ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला प्रकाश में आया है। पर्यावरण प्रेमी विक्रांत टोंगड़ ने मुरशदपुर गांव के पास चल रहे मिग्सन बिल्डर (Migsun Builder) के एक प्रोजेक्ट में भारी मात्रा में भूजल की बर्बादी का खुलासा किया है।
नालों में बह रहा है कीमती भूजल
विक्रांत का कहना है कि मिग्सन बिल्डर के इस प्रोजेक्ट साइट पर पिछले कई महीनों से अवैध रूप से भूजल का दोहन किया जा रहा है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस शुद्ध जल का उपयोग निर्माण कार्य में करने के बजाय इसे सीधे गंदे नाले (ड्रेन) में बहाया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की यह बर्बादी आने वाले समय में क्षेत्र के वाटर लेवल को और नीचे धकेल सकती है, जो एक गंभीर पर्यावरणीय संकट का संकेत है।
बिना एनओसी बिछाई गई पाइपलाइन
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि को अंजाम देने के लिए बिल्डर ने नियम-कायदों को ताक पर रख दिया है। संबंधित बिल्डर द्वारा बिना किसी अनुमति के सार्वजनिक सड़क को क्षतिग्रस्त किया गया और वहां पाइपलाइन बिछाई गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से किसी भी प्रकार की एनओसी (NOC) लिए बिना ही भूजल को सीधे ड्रेन में छोड़ा जा रहा है।
विभागों से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद
विक्रांत टोंगड़ ने इस मामले की औपचारिक शिकायत उत्तर प्रदेश भूजल विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से की है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित विभागों की टीमें मौके का निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डर के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करें। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि ऐसे ही भूजल की बर्बादी होती रही, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।

