ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़ : सेक्टर-150 हादसे के ‘हीरो’ बनकर उभरे मुनेंद्र अब एक कानूनी और नैतिक विवाद के केंद्र में हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें मुनेंद्र को पैसे लेते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह रकम उन्हें पुलिस प्रशासन के खिलाफ बयान देने और एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के बदले दी गई थी। हालांकि, मुनेंद्र ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक गहरी साजिश बताया है।
[ अस्वीकरण (Disclaimer): सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह रिपोर्ट मुनेंद्र द्वारा सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों और वायरल दावों पर आधारित है।]


फेसबुक पर दी सफाई: “सच्चाई के साथ हूँ, पुलिस से बैर नहीं”
मुनेंद्र ने अपने फेसबुक पेज पर वीडियो जारी कर बताया कि बुलंदशहर का रहने वाला एक व्यक्ति, जो खुद को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा बताता है, उनके पास आया था। मुनेंद्र के अनुसार, उस व्यक्ति ने उन्हें डराया कि दोनों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और बचने का रास्ता केवल पुलिस के खिलाफ बोलते रहना है। मुनेंद्र ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उस व्यक्ति से कहा था कि वह केवल सच बोल रहे हैं और उनका पुलिस से कोई निजी झगड़ा नहीं है।
5 हजार रुपये और दबाव का खेल
मुनेंद्र का आरोप है कि कथित पत्रकार ने उन्हें 5 हजार रुपये थमाए और कहा कि यह कोर्ट व वकील के खर्च के लिए हैं, लेकिन शर्त यही थी कि बयान पुलिस के विरोध में ही रहना चाहिए। मुनेंद्र ने दावा किया कि उन्होंने महज 5 मिनट के भीतर उस व्यक्ति को पैसे वापस ले जाने के लिए फोन किया था, लेकिन वह नहीं लौटा। मुनेंद्र के मुताबिक, उनके पास उस व्यक्ति की 20 से अधिक कॉल रिकॉर्डिंग और पूरी घटना का ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सुरक्षित है।
पिता ने दी थी चेतावनी
मुनेंद्र ने यह भी बताया कि जब वह व्यक्ति पैसे दे रहा था, तब उनके पिता ने उन्हें आगाह किया था कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। गौरतलब है कि युवराज मेहता के पिता ने खुद श्रद्धांजलि सभा में मुनेंद्र के साहस की सराहना करते हुए कहा था कि उसने अपने बेटे को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी थी। अब इस नए विवाद ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिस पर मुनेंद्र ने कानूनी कार्रवाई करने का ऐलान किया है।

