ग्रेटर नोएडा में इकलौते बेटे मनीष की हत्या: 11 साल पुरानी दोस्ती का खौफनाक अंत, शादी की तैयारियों के बीच नहर में तलाश रहा परिवार, पांच किमी तक तलाशी के बाद भी मनीष का सुराग नहीं

Murder of Manish, the only son in Greater Noida: An 11-year-old friendship ends in a horrific way. The family searches the canal amid wedding preparations. Despite searching for Manish for five kilometers, no trace of him remains.

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा में इकलौते बेटे मनीष की हत्या: 11 साल पुरानी दोस्ती का खौफनाक अंत, शादी की तैयारियों के बीच नहर में तलाश रहा परिवार, पांच किमी तक तलाशी के बाद भी मनीष का सुराग नहीं

Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के अस्तौली गांव निवासी मनीष (लापता/मृतक) की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस के दावे के बाद कि मनीष के दो गहरे दोस्तों ने ही उसकी हत्या कर शव जमालपुर गांव के पास नहर में फेंक दिया था, बृहस्पतिवार को सुबह से शाम तक गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमें नहर में सघन तलाशी अभियान चलाती रहीं।

टीमों ने करीब पांच किलोमीटर तक नहर का चप्पा-चप्पा छान मारा, लेकिन देर शाम तक मनीष के शव का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

हत्या का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी

मनीष 29 नवंबर को अपने दोनों दोस्तों के साथ बाहर गया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी। बुधवार देर शाम को पुलिस ने दावा किया कि उसके साथ गए दोनों दोस्तों ने ही मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।

पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपियों ने ग्रेटर नोएडा के एक मॉल की पार्किंग में कार खड़ी कर दी थी और खुद बाइक से बुलंदशहर समेत अन्य स्थानों पर तीन दिन तक छिपकर बचने का रास्ता तलाश रहे थे। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी किसी वकील की सलाह पर सूरजपुर कोर्ट में समर्पण करने जा रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट के बाहर से हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में दोनों दोस्तों ने एक ट्यूबवेल पर मनीष की हत्या करने की बात स्वीकार की है।

घर का इकलौता चिराग, फरवरी में थी शादी

मनीष अपने घर का इकलौता लड़का था। परिजनों ने बताया कि फरवरी में उसकी शादी होनी थी और 2 नवंबर को उसकी पीली चिट्ठी की रस्म भी होनी थी। पूरे घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। अब परिवार शादी की खुशियों की जगह शव को अंतिम संस्कार के लिए नहर में तलाश रहा है, जिससे गांव में मातम छा गया है।

11 वर्ष पुरानी दोस्ती में गद्दारी

ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मनीष और दोनों आरोपी करीब 11 साल से गहरे दोस्त थे। गांव में तीनों को अक्सर साथ घूमते देखा जाता था। ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा है कि इतनी पुरानी और गहरी दोस्ती का अंत हत्या के साथ हो सकता है। गांव के युवा सोशल मीडिया अकाउंट पर तीनों की पुरानी तस्वीरें साझा कर “दोस्ती में गद्दारी” का ट्रेंड चला रहे हैं।

कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने जानकारी दी, “युवक को तलाशने के लिए एनडीआरएफ के गोताखोर लगातार प्रयासरत हैं। अभी उसका कोई सुराग नहीं लगा है, जल्द ही तलाश लिया जाएगा।”

 

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