गौतमबुद्धनगर (सूरजपुर) | भारतीय टॉक न्यूज़ : जनपद गौतमबुद्धनगर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजीत कुमार और जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित इस अदालत में कुल 9,26,280 लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस विशेष अभियान के दौरान आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से कुल 852 करोड़ 99 लाख 99 हजार 9 सौ रुपये की समझौता धनराशि तय की गई, जो जनपद के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
विभिन्न विभागों के हजारों मामलों पर लगी मुहर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों द्वारा 2,27,807 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व न्यायालयों ने 1,02,745 मामलों का निपटारा किया। इसके अतिरिक्त, यातायात विभाग ने सबसे अधिक 4,61,213 चालानों व मामलों का निस्तारण कर आम जनता को बड़ी राहत दी। बैंकों के 280 मामलों में करीब 3.46 करोड़ रुपये और एनपीसीएल (NPCL) के 107 मामलों में 82 लाख रुपये की समझौता धनराशि वसूल की गई।
प्राधिकरण और अन्य सरकारी विभागों में भी रही सक्रियता
लोक अदालत का प्रभाव केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नोएडा और यमुना प्राधिकरण के विवादों को भी सुलझाया गया।
🔸 नोएडा प्राधिकरण: 5500 मामलों का निस्तारण।
🔸यमुना प्राधिकरण: 305 मामलों का निपटारा।
🔸श्रम न्यायालय: 1013 मामलों में ₹70.63 करोड़ से अधिक की धनराशि पर समझौता।
🔸अन्य विभाग: पुलिस विभाग ने 18,478, चिकित्सा विभाग ने 72,733 और राजस्व विभाग ने 1,02,745 वादों का निस्तारण कर त्वरित न्याय की मिसाल पेश की।
इस आयोजन ने न केवल न्यायालयों का बोझ कम किया, बल्कि उन पक्षकारों को भी राहत दी जो वर्षों से तारीखों के चक्कर काट रहे थे। अधिकारियों ने इसे आम जनमानस की जीत और आपसी भाईचारे की मिसाल बताया।

