Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में सेक्टर-108 स्थित ऑडिटोरियम में वर्ष 2023 बैच के चयनित उपनिरीक्षकों के लिए एक विशेष सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराना और उनके सफल कार्यान्वयन के लिए तैयार करना था। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन नए कानूनों का मूल मंत्र त्वरित न्याय सुनिश्चित करना और पीड़ित-केन्द्रित व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।


डिजिटल साक्ष्य और तकनीक के उपयोग पर विशेष मार्गदर्शन
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस आयुक्त ने आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बदलते परिवेश में अब केवल पारंपरिक तरीके पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का महत्व काफी बढ़ गया है। उपस्थित उपनिरीक्षकों को तकनीकी साक्ष्यों की विधिसम्मत जब्ती, उनके संरक्षण और न्यायालय में उन्हें पेश करने की बारीकियों के बारे में निर्देशित किया गया। इसके साथ ही क्राइम सीन यानी घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच के समय बरती जाने वाली सावधानियों और फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के माध्यम से साक्ष्य संकलन की महत्ता को विस्तार से समझाया गया, ताकि कोई भी अपराधी तकनीकी खामी का लाभ न उठा सके।
फील्ड की चुनौतियों पर सीधा संवाद और सुझाव
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पुलिस आयुक्त और उपनिरीक्षकों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने अपने दीर्घकालीन अनुभवों को साझा करते हुए फील्ड में तैनात अधिकारियों से उनकी वास्तविक समस्याओं और चुनौतियों के बारे में पूछा। उन्होंने उपनिरीक्षकों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कठिनाइयां साझा करें ताकि उनके समाधान के लिए बेहतर रणनीतियां बनाई जा सकें। इसके अलावा पुलिस का जनता के साथ व्यवहार, जनसंवेदनशीलता, मीडिया व सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय और राजनीतिक व्यक्तियों के साथ पेशेवर व्यवहार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने युवा अधिकारियों को स्वयं को निरंतर अपडेट रखने के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले जांबाजों का सम्मान

कार्यशाला के अंत में पुलिस आयुक्त द्वारा पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन सत्र आयोजित किया गया। फील्ड ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौ उपनिरीक्षकों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अधिकारियों में भूपेन्द्र कुमार, भगत सिंह, रोहित सिंह, शुभांजली समाधिया, सचिन कुमार, चन्द्रवीर सिंह, ममता पंवार, कपिल कुमार यादव और मोनू राणा शामिल रहे। इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) श्री रवि शंकर निम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सत्र को पुलिस कौशल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।


