नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: दिल्ली-एनसीआर में घर बसाने और निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘न्यू नोएडा’ (DNGIR) को धरातल पर उतारने की कार्रवाई अब अंतिम चरण में है। दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के लिए सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इस नई सिटी के विकसित होने से औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नई उड़ान मिलेगी।

इन 80 गांवों की किस्मत बदलेगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर (दादरी) और बुलंदशहर जिले के कुल 80 गांवों को चिन्हित किया गया है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण के लिए दरों का निर्धारण कर लिया है।
🔸 निर्धारित दर: किसानों को 5,600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन का मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
🔸अधिग्रहण का दायरा: इस प्रोजेक्ट के लिए हजारों हेक्टेयर जमीन की सीधी खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सरकार की मंजूरी का इंतजार
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने जमीन की दरों और अधिग्रहण की पूरी रूपरेखा तैयार कर शासन को भेज दी है। जैसे ही लखनऊ से इस प्रस्ताव को ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलेगा, प्राधिकरण की टीमें गांवों में जमीन खरीदने का काम शुरू कर देंगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की मंजूरी मिलते ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
रजिस्ट्री पर रहेगा कड़ा नियंत्रण
अक्सर देखा गया है कि मास्टर प्लान आने के बाद जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त और अवैध कॉलोनियां कटने लगती हैं। इसे रोकने के लिए प्राधिकरण सख्त कदम उठा रहा है:
🔸अस्थायी रोक: अनियंत्रित रजिस्ट्री को रोकने के लिए कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
🔸नई व्यवस्था: प्राधिकरण केवल उन्हीं जमीनों की रजिस्ट्री की अनुमति देगा जो मास्टर प्लान के अनुरूप होंगी।
🔸पारदर्शिता: किसानों और खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
2 महीने के भीतर पूरी होगी प्रक्रिया
किसानों की सहूलियत के लिए प्रशासन ने एक समय सीमा तय की है। योजना के अनुसार:
🔸आवेदन मिलने के दो महीने के भीतर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
🔸यदि तय समय सीमा में प्राधिकरण जमीन नहीं लेता है, तो किसान अपनी जमीन किसी अन्य को बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।
🔸जमीन लेने से इनकार करने की स्थिति में अधिकारियों को इसका ठोस कारण स्पष्ट करना होगा।
क्यों खास है न्यू नोएडा?
जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और दादरी-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के नजदीक होने के कारण न्यू नोएडा भविष्य का सबसे बड़ा हब बनने वाला है। यहाँ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चौड़ी सड़कें, लॉजिस्टिक पार्क और रिहायशी सेक्टर विकसित किए जाएंगे।
Bharatiya Talk News का विश्लेषण: न्यू नोएडा न केवल आबादी का बोझ कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि, किसानों के उचित मुआवजे और समयबद्ध प्रक्रिया को सुनिश्चित करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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