Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के बाद अब “न्यू नोएडा प्रोजेक्ट” (New Noida Project) ने विकास की राह पर रफ्तार पकड़ ली है। नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने के लिए कमर कस ली है। शासन द्वारा 80 गांवों को अधिसूचित किए जाने के बाद अब भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम सीधे किसानों से संवाद स्थापित करेगी और “सहमति आधारित अधिग्रहण मॉडल” के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
80 गांवों में शुरू होगी प्रक्रिया, अस्थायी कार्यालय खुलेगा
न्यू नोएडा बसाने के लिए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने 80 गांवों को अधिसूचित कर दिया है, जिसका स्पष्ट मतलब है कि अब इन क्षेत्रों में प्राधिकरण की अनुमति के बिना कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो सकेगा। इस विशाल प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें चार लेखपाल, दो तहसीलदार और दो नायब तहसीलदार शामिल हैं।
प्राधिकरण जल्द ही अपना एक अस्थायी कार्यालय भी स्थापित करेगा। यह कार्यालय शुरुआत में जोखाबाद और सांवली गांव में खोला जाएगा, क्योंकि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी सबसे पहले इन्हीं गांवों से शुरू की जानी है। अधिकारियों ने जोखाबाद और सांवली के ग्राम प्रधानों से प्रारंभिक दौर की बातचीत भी कर ली है।
“सहमति मॉडल” से होगा अधिग्रहण, जबरन नहीं ली जाएगी जमीन
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यू नोएडा के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से “सहमति आधारित अधिग्रहण मॉडल” (Consent-based Land Acquisition) और हाइब्रिड मॉडल पर आधारित होगी।
इसका अर्थ है कि किसानों से जबरन जमीन नहीं ली जाएगी। उनके सामने आपसी सहमति (Mutual Consent) और लैंड पूलिंग (Land Pooling) दोनों के विकल्प खुले रहेंगे। इस मॉडल के तहत, किसानों को न केवल उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाएगा, बल्कि उन्हें भविष्य के लाभों में हिस्सेदार बनाने के लिए विकसित भूखंड (Developed Plots) भी वापस दिए जाएंगे।
जल्द तय होगा मुआवजा, डीएम की अध्यक्षता में होगी बैठक
किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा और क्या दरें होंगी, इसका खाका तैयार किया जा रहा है। जल्द ही जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में एक अहम बैठक होगी, जिसमें न्यू नोएडा के लिए सर्किल रेट तय करने पर मंथन किया जाएगा।
यह दरें तय करते समय कई मानकों का ध्यान रखा जाएगा, जैसे:
🔸 गांवों की जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) से दूरी।
🔸 ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र से नजदीकी।
🔸 भूमि की वर्तमान उपयोगिता।
🔸 पड़ोसी बुलंदशहर के गांवों का मौजूदा सर्किल रेट।
इन्हीं मानकों के आधार पर एक संतुलित मुआवजा दर तय की जाएगी और विस्तृत प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
209 वर्ग किमी में बसेगी ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी’
न्यू नोएडा को लगभग 209.11 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में बसाने की योजना है, जिसे चार चरणों (Phases) में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 20 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
यह केवल एक रिहायशी शहर नहीं, बल्कि एक “स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी” (Smart Industrial City) के रूप में उभरेगा। मास्टर प्लान में औद्योगिक, आईटी, आवासीय, कमर्शियल और बड़े ग्रीन ज़ोन शामिल हैं। यहां इको-फ्रेंडली इंडस्ट्रियल ज़ोन, सोलर पावर पार्क और अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला यह नया शहर, आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगा। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

