नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. लोकेश एम ने शहर के अधिसूचित क्षेत्रों में बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के नियोजित विकास (Planned Development) को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीईओ ने उन विभागीय अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो अपने कार्यक्षेत्र में लापरवाही बरत रहे थे। इसी कड़ी में वर्क सर्किल-06 के प्रबंधक अब्दुल शाहिद को प्रभावी पर्यवेक्षण न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में ढिलाई बरतने पर ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, सहायक प्रबंधक विनीत कुमार शर्मा, जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण हो चुकी थी, उन्हें कार्य में शिथिलता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सेवा से अवमुक्त (हटाने) करने का आदेश जारी किया गया है। सीईओ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभागीय मिलीभगत या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2745 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से कराया मुक्त
प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में अतिक्रमण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान बड़े स्तर पर सफल साबित हो रहा है। वर्ष 2024-25 में प्राधिकरण ने 2,15,912 वर्ग मीटर और वर्ष 2025-26 में अब तक रिकॉर्ड 23,93,158 वर्ग मीटर जमीन को भू-माफियाओं के अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। इस मुक्त कराई गई जमीन की वर्तमान बाजार दर के अनुसार अनुमानित कीमत करीब 2,745 करोड़ रुपये आंकी गई है। डॉ. लोकेश एम ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लगभग 25 मामलों में FIR भी दर्ज कराई गई है। प्राधिकरण अब लगातार ध्वस्तीकरण (Demolition) और सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है ताकि सरकारी अधिसूचित भूमि को सुरक्षित रखा जा सके।
डूब क्षेत्र और अधिसूचित भूमि पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
अवैध निर्माण को जड़ से खत्म करने के लिए सीईओ डॉ. लोकेश एम ने दो एसीईओ (ACEO) और एक ओएसडी (OSD) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र (Flood Zone) के साथ-साथ नोएडा के सभी अधिसूचित क्षेत्रों में चल रहे अनाधिकृत निर्माणों को ध्वस्त करने के अभियान में और तेजी लाई जाए। प्राधिकरण का लक्ष्य उन सभी अवैध कॉलोनियों और ढांचों को हटाना है जो शहर के मास्टर प्लान में बाधा बन रहे हैं। सीईओ ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण पाया जाता है, तो वहां के संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

