ग्रेटर नोएडा/नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़ : गौतमबुद्ध नगर में मदिरा उपभोक्ताओं से की जा रही अवैध वसूली और विभाग की ढीली कार्यप्रणाली पर प्रदेश सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
जांच में खुली पोल: 25 दुकानों पर हुई ओवररेटिंग
मदिरा दुकानों पर ओवररेटिंग की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार, राकेश कुमार सिंह ने एक विस्तृत जांच कराई थी। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को 9 दुकानों और 20 जनवरी 2025 को 16 दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली के पुख्ता प्रमाण मिले। कुल 25 दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर यह स्पष्ट हो गया कि जिले के शीर्ष आबकारी अधिकारी का दुकानों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था।
विवादों के घेरे में रहा कार्यकाल
सुबोध कुमार का कार्यकाल केवल ओवररेटिंग ही नहीं, बल्कि अन्य कई विवादों से भी घिरा रहा। जिले में सड़क किनारे कंटेनरों में शराब की दुकानें संचालित करने के लाइसेंस जारी करने पर भी सवाल उठे थे। कई स्थानों पर दुकानें आवंटित जगह से हटकर संचालित हो रही थीं। इसके अलावा, आवासीय सेक्टरों और मंदिरों के समीप शराब के ठेके खुलने पर स्थानीय जनता ने भारी विरोध प्रदर्शन भी किया था।
“भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”: मंत्री नितिन अग्रवाल
निलंबन की कार्रवाई के बाद आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट संदेश दिया कि उपभोक्ताओं का शोषण और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि “मदिरा बिक्री में अनियमितता कानूनन अपराध है। इसमें लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने सभी दुकानों पर रेट लिस्ट बोर्ड स्पष्ट रूप से लगाने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
विभाग में मचा हड़कंप
जिले के सबसे बड़े आबकारी अधिकारी पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला आबकारी विभाग में खलबली मच गई है। दोपहर बाद जैसे ही निलंबन की खबर कार्यालय पहुँची, कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप देखा गया। हालांकि, निलंबित अधिकारी सुबोध कुमार ने शाम तक शासन का लिखित आदेश प्राप्त न होने की बात कही है।

