Noida News/भारतीय टॉक न्यूज़: ऊपरी इलाकों में हो रही भारी बारिश और यमुना नदी में बढ़े जलस्तर के कारण हिंडन नदी भी उफान पर है। नोएडा के चोटपुर और छिजारसी समेत कई निचले इलाकों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मंगलवार सुबह से ही हिंडन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था, दोपहर होते-होते नदी का पानी तटबंधों को पार कर चोटपुर और छिजारसी की घनी आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर गया। कई घरों में पानी कमर तक भर गया, जिससे लोगों को अपना कीमती सामान छोड़कर सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा। कई प्रभावित परिवारों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण ली है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रशासन की टीमें पिछले दो दिनों से क्षेत्र का दौरा कर रही थीं, लेकिन पानी इतनी तेजी से बढ़ेगा इसका अनुमान नहीं था। एक निवासी ने बताया, “सुबह हमने देखा कि पानी रिसकर हमारी गली में आ रहा है और कुछ ही घंटों में पूरा घर पानी में डूब गया। हम बस जरूरी कागजात और कुछ कपड़े लेकर अपनी जान बचाकर भागे।”
जिला प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी है। सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदौरिया ने बताया कि यमुना और हिंडन के किनारे बसे गांवों में पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई थी। असगरपुर, रामपुर खादर और सारागढ़ी जैसे गांवों से अस्थायी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में 20 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और राहत कार्यों के लिए टीमें मुस्तैद हैं। उन्होंने बताया कि चोटपुर और छिजारसी के स्कूलों में राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ विस्थापित लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की महामारी को फैलने से रोका जा सके।
उधर, गाजियाबाद में भी हिंडन का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे करहेड़ा और राहुल विहार जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यमुना में हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण हिंडन के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन का लक्ष्य हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है।

