ग्रेटर नोएडा/नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा के सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट पर नाले के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबकर हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। इस घटना ने न केवल निर्माणाधीन क्षेत्रों में सुरक्षा की पोल खोल दी है, बल्कि अब सरकारी विभागों की जवाबदेही पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बिल्डरों पर शिकंजा: गिरफ्तारियां और सीलिंग
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोटस ग्रीन्स (Lotus Greens) के दो बिल्डरों, रवि बंसल और सचिन कर्णवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ‘विश टाउन’ के बिल्डर अभय कुमार को जेल भेज चुकी है।
पुलिस ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं की, बल्कि फरार आरोपियों और दोषियों के व्यावसायिक ठिकानों पर भी प्रहार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी बिल्डर अभय कुमार और निर्मल सिंह के नोएडा के सेक्टर-62 और सेक्टर-126 स्थित कार्यालयों को सील कर दिया है। ज्ञात हो कि पुलिस ने इस मामले में कुल 5 जिम्मेदारों पर FIR दर्ज की थी।

विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री को घेरा
दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने इस घटना को सिस्टम की बड़ी चूक करार दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर नोएडा प्राधिकरण, अग्नि शमन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। विधायक ने पत्र में लिखा कि उन्होंने पहले भी (सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में) इन समस्याओं को लेकर पत्र लिखे थे, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।

विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि:
🔸 दोषी अधिकारियों और बिल्डरों पर ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने।
🔸 भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा में NDRF और SDRF की स्थायी इकाई तैनात की जाए।
प्राधिकरण का ‘बचाव’ और ‘सफाई’ अभियान
इस हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने जहाँ ट्रैफिक सेल के JE नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एनजी रवि कुमार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रेटर नोएडा में सड़कों के गड्ढे भरने और सुरक्षा उपाय दुरुस्त करने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

