Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना फेस-2 पुलिस ने पूर्व सैनिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा (ECHS) कार्डों का दुरुपयोग करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह असली ECHS कार्डों पर अपात्र (ineligible) मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराकर अवैध लाभ कमाता था। पुलिस ने इस मामले में एक अस्पताल कर्मचारी और डी-फार्मा डिग्री धारक समेत 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
अस्पताल कर्मचारी की मदद से चलता था खेल
थाना फेस-2 पुलिस को सूचना मिली थी कि एक गिरोह ECHS कार्ड का दुरुपयोग कर रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 अक्टूबर 2025 को सेक्टर 110 स्थित तिकोना पार्क के पास से 4 लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान दानिश (21), प्रदीप गौर (23), सुमित (33) और पूरन सिंह (60) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी मूल रूप से जिला बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सदस्य प्रदीप गौर नोएडा के ही एक अस्पताल में नौकरी करता है। वह अपनी पहुंच का फायदा उठाकर, असली ECHS कार्ड पर दर्ज नाम व पते का इस्तेमाल कर फर्जी मरीजों को अस्पताल में भर्ती करा देता था।
D-Pharma होल्डर है मास्टरमाइंड, एडवांस में होती थी डील
गिरोह का एक अन्य सदस्य दानिश, डी-फार्मा की शिक्षा ले चुका है। ये लोग अपात्र मरीजों के परिजनों से संपर्क करते थे और उन्हें सस्ते में बेहतर इलाज का झांसा देकर ECHS कार्ड पर भर्ती कराने का सौदा करते थे। अभियुक्तगण भर्ती कराने से पहले कुछ रुपये एडवांस लेते थे और बाकी की तयशुदा रकम मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वसूलते थे।
पुलिस को चकमा देने के लिए करते थे व्हाट्सएप कॉल
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर है और इससे पहले भी दिल्ली-एनसीआर के ECHS पैनल में शामिल कई अस्पतालों में इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है। पकड़े जाने से बचने के लिए ये लोग एक जगह टिककर नहीं रहते थे और आपस में बात करने के लिए सिर्फ व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल करते थे, ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सके।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 4 अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन और 7 ECHS कार्डों की छायाप्रतियां (फोटोकॉपी) बरामद की हैं। थाना फेस-2 में अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (मु0अ0सं0 518/2025 धारा 318(4)/61(2)/3(5)) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य संपर्कों और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की जांच कर रही है।

