जेवर/ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। एयरपोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। नागरिक विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने एयरपोर्ट के सुरक्षा बंदोबस्त को हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब सारा ध्यान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) पर टिक गया है, जो अगले हफ्ते तक एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर सकता है।
सुरक्षा जांच का अहम पड़ाव पार
यमुना अथॉरिटी (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि BCAS द्वारा ‘सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल’ मिल गया है। यह अनुमति यात्रियों की सुरक्षा, सामान की जांच और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के परीक्षण के बाद दी जाती है।
सुरक्षा मंजूरी में क्या था खास?
एंटी हाइजैकिंग प्लान: BCAS ने एयरपोर्ट के एंटी हाइजैक कंटिजेंसी प्लान को मंजूरी दे दी है, जो विमान अपहरण या बम की सूचना जैसी आपात स्थितियों में प्रोटोकॉल तय करता है।
इन एजेंसियों का समन्वय: इस सुरक्षा योजना में एयरलाइंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सुरक्षा एजेंसियां और शासन की अन्य इकाइयां शामिल हैं।
कमियों को किया दूर: पिछले 5 महीनों से जांच चल रही थी, जिसमें वॉच टावर और बाउंड्रीवॉल जैसी आपत्तियों को दूर करने के बाद अंतिम मंजूरी मिली है।
मार्च के अंत तक PM मोदी कर सकते हैं उद्घाटन
एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट को 45 दिनों के भीतर उड़ानें शुरू करनी होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, यदि लाइसेंस अगले हफ्ते मिल जाता है, तो मार्च के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते हैं।
🔸दो प्रमुख एयरलाइंस पहले ही उड़ान संचालन के लिए DGCA में आवेदन कर चुकी हैं। संभावना है कि उद्घाटन के दिन ही पहली आधिकारिक उड़ान को रवाना किया जाए।
“सिक्योरिटी वैटिंग अप्रूवल मिलने से अब एयरोड्रम लाइसेंस का रास्ता साफ हो गया है। हम कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के बेहद करीब हैं।” – शैलेंद्र भाटिया, नोडल अधिकारी (नायल)

