Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को बड़ी सफलता मिली है। थाना फेस-1 नोएडा पुलिस ने इंटेलिजेंस और सर्विलांस की मदद से एनसीआर क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त Foundit.com से डेटा खरीदकर खुद को Naukri.com का कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे।
गिरफ्तार अभियुक्त और ऑपरेशन की जानकारी
थाना फेस-1 पुलिस ने दिनांक 21 नवंबर 2025 को खुफिया जानकारी के आधार पर सेक्टर 4 स्थित बिल्डिंग संख्या A-88 के द्वितीय तल से छापेमारी कर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
| 1. | अनुज कुमार पुत्र ऋषिपाल | ग्राम हसनपुर रजापुर, थाना सरुरपुर, मेरठ (वर्तमान पता: अशोकनगर, दिल्ली) | 33 वर्ष |
| 2. | रोमेश मलिक पुत्र कुंवरपाल | ग्राम लिसाढ़ हसनपुर, शामली (वर्तमान पता: अशोकनगर, दिल्ली) | 24 वर्ष |
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
अभियुक्तों का अपराध करने का तरीका बेहद शातिराना था:
डेटा खरीद: अभियुक्तगण Foundit.com से लगभग ₹30,000/- का बेरोजगार युवकों का डेटा खरीदते थे।
फर्जी पहचान: वे खुद को Naukri.com का कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवकों को नौकरी लगवाने का झांसा देते थे।
पैसा ऐंठना: वे रजिस्ट्रेशन फीस (₹950/-) से शुरू करके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, एम्प्लॉयमेंट वेरिफिकेशन, फाइल सबमिशन चार्ज, प्रोफाइल फाइनलाइज चार्ज और एनओसी चार्ज के नाम पर ₹50,000/- तक की मोटी रकम ठग लेते थे।
छल-कपट: जब कोई पीड़ित युवक ज्यादा कॉल करता था, तो वे उससे बात करना बंद कर देते थे या उसे ब्लॉक कर देते थे। कई बेरोजगार व्यक्तियों को ये फर्जी जॉइनिंग/ऑफर लेटर भी दे देते थे।
महिला कर्मचारी: धोखाधड़ी को छिपाने के लिए, वे अपनी फर्जी कंपनी में कॉल करने के लिए केवल महिला कर्मचारियों को एक महीने के लिए हायर करते थे और फिर उन्हें नौकरी से निकाल देते थे, ताकि किसी को उनके गोरखधंधे की जानकारी न मिल सके।
अपराधिक इतिहास
अभियुक्त अनुज कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2017 में उसने हैदराबाद में इसी तरह की धोखाधड़ी का अपराध किया था। इस संबंध में थाना सीसीएस हैदराबाद में मु0अ0सं0 153/2017 धारा 419/420 भादवि पंजीकृत है। यह गिरोह पिछले 8-10 वर्षों से बेरोजगार युवकों से पैसे ठग रहा है।
दर्ज अभियोग का विवरण:
थाना फेस-1, नोएडा में मु0अ0सं0 475/2025 धारा 318(4)/319(2)/336(3) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से कॉल सेंटर संचालन में प्रयुक्त होने वाले कई उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं:
11 की पैड मोबाइल फोन, 01 वीवो स्मार्टफोन, 07 स्टांप मोहरें, 04 फर्जी जॉइनिंग लेटर, 04 कम्प्यूटर मॉनिटर, 04 सीपीयू, 04 कीबोर्ड,04 माउस, 34 ऑफिस फोन से प्राप्त स्क्रीनशॉट (ठगी के प्रमाण)

