Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी स्वाट-02 (CRT SWAT) की संयुक्त टीम ने मिलकर एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए महंगी गाड़ियां फाइनेंस करवाकर बैंकों और आम जनता को चूना लगा रहा था। पुलिस ने फूलमंडी के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम? (Modus Operandi)
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
🔸 फर्जी प्रोफाइल: अभियुक्त फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी का उपयोग कर बैंकों से गाड़ियां फाइनेंस कराते थे।
🔸दूसरे राज्यों में बिक्री: गाड़ी खरीदने के बाद ये गिरोह बैंक की किस्तें जमा नहीं करता था। इसके बजाय, गाड़ियों को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में ले जाकर कम दामों पर बेच देते थे।
🔸 दोबारा लोन का खेल: हद तो तब हो गई जब ये शातिर अपराधी आरसी (RC) से ‘Hypothecation’ हटाकर उसी गाड़ी पर दूसरे बैंक से दोबारा लोन भी ले लेते थे। खरीदारों को झांसा दिया जाता था कि एनओसी (NOC) कुछ महीनों में मिल जाएगी।
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लग्जरी गाड़ियों का जखीरा बरामद
पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से 5 महंगी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनकी कीमत लाखों में है:
🔸 01 महिंद्रा थार
🔸 01 स्कॉर्पियो-एन
🔸 01 किया सेल्टॉस
🔸 01 मारुति ग्रैंड विटारा
🔸01 टोयोटा अर्बन क्रूजर टेजर
इसके अलावा 28 फर्जी दस्तावेज (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आरसी और डीएल) भी बरामद किए गए हैं।
कौन हैं गिरफ्तार अभियुक्त?
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमित गुप्ता (दिल्ली), अनुराग उर्फ अमित (अलीगढ़) और नवीन भावरी (पठानकोट, पंजाब) के रूप में हुई है। इनमें मुख्य आरोपी अमित गुप्ता पर पहले से ही दिल्ली और नोएडा में धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से फाइनेंस कंपनियों और बैंकों को करोड़ों की चपत लगने से बचाया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने इनसे कम कीमत पर गाड़ियां खरीदी थीं।

