नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा और नोएडा में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में थाना फेस-1 पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को सेक्टर-6 स्थित डी-16 बिल्डिंग में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी की। यहाँ से 5 ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है जो खुद को बीमा अधिकारी और निवेश सलाहकार बताकर लोगों की मेहनत की कमाई लूट रहे थे।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कॉल डेटा शीट के जरिए उन लोगों को निशाना बनाते थे जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी। वे लोगों को झांसा देते थे कि उनकी पॉलिसी कम समय में मेच्योर करा दी जाएगी या फंसा हुआ पैसा वापस दिला दिया जाएगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर भी 5,000 से लेकर 1,00,000 रुपये तक जमा कराते थे। यह पैसा फर्जी बैंक खातों में मंगाया जाता था, जिसे आरोपी बाद में आपस में बांट लेते थे।
80 लाख रुपये फ्रीज, NCRP पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इन अपराधियों से जुड़े 4 बैंक खातों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज करा दिया है। इन खातों में लगभग 80 लाख रुपये की राशि मौजूद थी। जांच में यह भी पता चला है कि इन ठगों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कई शिकायतें ‘नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) पर दर्ज हैं। इनके पास से बरामद लैपटॉप में हजारों लोगों का डेटा मिला है।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान
🔸 अनुज: निवासी भंगेल, नोएडा।
🔸राकेश कुमार: निवासी हजारीबाग (झारखंड), वर्तमान पता दिल्ली।
🔸 मनीष मंडल: निवासी मधुबनी (बिहार), वर्तमान पता दिल्ली।
🔸शुभम सक्सेना: निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली।
🔸 शहजाद अहमद: निवासी मेरठ, वर्तमान पता दिल्ली।
| बरामद सामान | संख्या/विवरण |
|---|---|
| स्मार्टफोन / की-पैड फोन | 07 स्मार्ट और 09 की-पैड (कुल 16) |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | 01 लैपटॉप, 01 प्रिंटर मशीन |
| दस्तावेज | 45 कॉल डेटा शीट (हजारों लोगों का विवरण) |
| फ्रीज की गई राशि | लगभग 80 लाख रुपये |
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील:
नोएडा पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनजान कॉल पर अपनी पॉलिसी या बैंक विवरण साझा न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

