नोएडा: फर्जी ECHS कार्ड से 6.5 लाख का मुफ्त इलाज, मौत के बाद बनाया जाली डेथ सर्टिफिकेट; 4 गिरफ्तार

गौतमबुद्धनगर की बिसरख पुलिस ने फर्जी ECHS कार्ड के जरिए लाखों का इलाज कराने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने मरीज की मौत के बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार किया था।

Partap Singh Nagar
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नोएडा: फर्जी ECHS कार्ड से 6.5 लाख का मुफ्त इलाज, मौत के बाद बनाया जाली डेथ सर्टिफिकेट; 4 गिरफ्तार

 

गौतमबुद्धनगर (बिसरख)/ भारतीय टॉक न्यूज़: दिल्ली-एनसीआर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना बिसरख पुलिस ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध ECHS (Ex-servicemen Contributory Health Scheme) कार्ड का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर निजी अस्पतालों में इलाज कराते थे। पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन और डिजिटल रूप से तैयार किए गए फर्जी आधार और ECHS कार्ड बरामद किए हैं।

6.5 लाख की धोखाधड़ी और ‘जिंदा’ बेटी का डेथ सर्टिफिकेट

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों ने न केवल ₹6,50,000 की सरकारी धनराशि का अवैध लाभ उठाया, बल्कि पकड़े जाने के डर से एक जीवित व्यक्ति के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) तक जारी कर दिया।
घटना के अनुसार, अभियुक्त शिखा सिंह की बहन तनु बीमार थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने मास्टरमाइंड दानिश खान से संपर्क किया। दानिश ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए तनु को एक अन्य व्यक्ति (वादी) की बेटी के नाम पर अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान जब तनु की मृत्यु हो गई, तो गिरोह ने पकड़े जाने से बचने के लिए वादी की जीवित बेटी के नाम से ही फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर दिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी उच्च शिक्षित हैं, जो सिस्टम की कमियों का फायदा उठा रहे थे:
🔸 शिखा सिंह (25): निवासी गाजियाबाद (BBA पास)
🔸 यश सिंह (20): निवासी गाजियाबाद (12वीं पास)
🔸जितेन्द्र यादव (31): निवासी फिरोजाबाद (MCA पास)
🔸दानिश खान (22): निवासी बुलंदशहर (D.Pharma पास) – यह गिरोह का मुख्य सदस्य है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी दानिश खान ने कुबूल किया कि वह अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर पिछले 2 वर्षों से यह खेल खेल रहा है। वे ऐसे गरीब या जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाते थे जो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। उन्हें फर्जी क्लेम दिलाकर दानिश मोटा कमीशन वसूलता था। दानिश पहले भी नोएडा के थाना फेस-2 से इसी तरह के धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस की टिप्पणी: “यह गिरोह तकनीकी रूप से काफी सक्रिय था। व्हाट्सएप के जरिए फर्जी कार्ड्स का आदान-प्रदान किया जाता था। फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं।

कानूनी कार्रवाई

बिसरख पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4) [धोखाधड़ी], 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

 

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