नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़ : नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे उन भ्रामक संदेशों पर विराम लगा दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पुलिस द्वारा मोनिंद्र नाम के व्यक्ति को प्रताड़ित किया जा रहा है. पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि ये खबरें पूरी तरह से निराधार और असत्य हैं.
SIT के समक्ष स्वयं उपस्थित हुआ था मोनिंद्र
पुलिस के अनुसार, मोनिंद्र कल दिनांक 24 जनवरी 2026 को SIT (विशेष जांच दल) द्वारा बुलाए जाने पर अपने निजी वाहन और रिश्तेदारों के साथ स्वयं SIT कार्यालय पहुंचा था. पुलिस ने साफ किया है कि उसे किसी दबाव में नहीं लाया गया था.
वीडियो की सच्चाई: नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारी थे पुलिसकर्मी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है:
🔸वीडियो में जो पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं, वे नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात हैं.
🔸 इन पुलिसकर्मियों का प्रशासनिक नियंत्रण भी नोएडा प्राधिकरण के ही पास है.
🔸 उनका उद्देश्य केवल मीडिया की भारी भीड़ से सुरक्षित निकालते हुए मोनिंद्र को अंदर प्रवेश कराना था.
🔸 SIT के समक्ष बयान दर्ज कराते समय वहां गौतमबुद्ध नगर पुलिस का कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था.
बिना किसी भय के दर्ज कराए बयान
नोएडा पुलिस ने यह भी बताया कि SIT के समक्ष कार्यवाही पूरी होने के बाद मोनिंद्र ने समाचार एजेंसी ANI को जो बयान दिया, उससे स्वतः स्पष्ट होता है कि उसने बिना किसी डर या बाहरी दबाव के अपने उत्तर दर्ज कराए हैं.
पुलिस की अपील: भ्रामक संदेशों से बचें
नोएडा पुलिस ने सभी नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी तरह के भ्रामक संदेश या अफवाह को प्रसारित न करें. पुलिस ने दोहराया है कि जिले में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.
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