नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। फेज-2 थाना क्षेत्र में कर्मचारियों की हड़ताल और मार्च की जानकारी उच्च अधिकारियों से छिपाने के आरोप में थाना प्रभारी (एसएचओ) और एलआईयू (LIU) के एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। कमिश्नर की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्राइम मीटिंग में खुली लापरवाही की पोल
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को फेज-2 थाना क्षेत्र स्थित एक कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अचानक हड़ताल शुरू कर दी और मार्च निकाला। इस घटना से इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस कमिश्नर द्वारा ली गई क्राइम मीटिंग के दौरान जब जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई, तब यह तथ्य सामने आया कि इस स्ट्राइक की योजना पहले से ही बन रही थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी दबा ली गई।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
पुलिस कमिश्नर ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और इंटेलिजेंस की विफलता मानते हुए निम्नलिखित अधिकारियों को सस्पेंड किया है:
🔸निरीक्षक अवधेश कुमार: प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ), थाना फेज-2।
🔸प्रतीक: सिपाही, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU)।
क्या थी पूरी घटना?
बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी के कर्मचारी वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं को लेकर पिछले कुछ समय से आक्रोशित थे। उन्होंने हड़ताल और मार्च निकालने की पूरी रणनीति तैयार कर ली थी। एलआईयू सिपाही और थाना प्रभारी का दायित्व था कि वे इस तरह की किसी भी गतिविधि की सूचना समय रहते उच्चाधिकारियों को दें, ताकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। सूचना के अभाव में शुक्रवार को अचानक हुए मार्च ने प्रशासन को असहज कर दिया।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

